नेपाल के सुनसरी जिले में 26 जुलाई को भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दस दिन बाद भी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त कर दी गई है। बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड स्थित फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एसएसबी,बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) और बिहार पुलिस संयुक्त रूप से लगातार निगरानी कर रही हैं। सीमा के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

नेपाल में हुई हिंसा के बाद सीमा पार आम लोगों की आवाजाही पर लगी रोक अभी भी जारी है। इसका असर सीमावर्ती गांवों के लोगों के दैनिक जीवन और छोटे कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार गश्त कर रही हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि सीमा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को देने की अपील की गई है।

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर चौकसी में किसी तरह की ढील नहीं दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र की हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *