दरभंगा। केवटी प्रखंड के दक्षिण रनवे गांव स्थित बाबा रामेश्वर नाथ महादेव मंदिर दरभंगा जिले के प्रमुख स्थानीय धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन के दौरान मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर सोमवार को यहां विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है।
18वीं शताब्दी में निर्माण की स्थानीय मान्यता
मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा रामेश्वर नाथ महादेव मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में कराया गया था। स्थानीय परंपरा में इसके निर्माण का संबंध तत्कालीन जमींदार नंदकिशोर बाबू से बताया जाता है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट में भी इस जानकारी का उल्लेख मंदिर समिति के सदस्यों के हवाले से किया गया है।
इस तरह मंदिर की पहचान केवल पूजा स्थल के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्र की पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़े स्थल के रूप में भी होती है।
गर्भगृह में स्थापित है शिवलिंग
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती की जाती है। मंदिर परिसर के पास स्थित तालाब भी इस स्थल की स्थानीय पहचान का हिस्सा है।
सावन की सोमवारी पर विशेष पूजा
मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश यादव के अनुसार, मंदिर में प्रतिदिन शाम को श्रृंगार और आरती होती है। सावन की प्रत्येक सोमवारी को विशेष श्रृंगार और आरती का आयोजन किया जाता है। इन अवसरों पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचते हैं।
सावन के दौरान यहां जलाभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आसपास के अलावा दूर के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु इस अवधि में मंदिर पहुंचते हैं।
दरभंगा की स्थानीय धार्मिक पहचान में स्थान
समय के साथ बाबा रामेश्वर नाथ मंदिर की पहचान दक्षिण रनवे और केवटी क्षेत्र से आगे बढ़कर दरभंगा जिले के श्रद्धालुओं के बीच भी बनी है। मंदिर में नियमित पूजा और सावन की विशेष गतिविधियां इसकी धार्मिक परंपरा को बनाए रखने में भूमिका निभाती हैं।
