माओवाद के साए से मुक्त हुआ झारखंड का सांगाजाटा गांव, 15 अगस्त पर मनाया ‘दोहरी आजादी’ का जश्न

पश्चिमी सिंहभूम के सांगाजाटा गांव ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर माओवादी आतंक से मुक्ति का ‘दोहरी आजादी’ का जश्न मनाया। दो दशक बाद माओवाद मुक्त हुए इस क्षेत्र में पुलिस…

PF अकाउंट में है कोई गड़बड़ी? EPFO की इस सुविधा से घर बैठे करें जांच, ऐसे मिलेगी पूरी जानकारी

कर्मचारी अपनी नौकरी बदलते समय PF अकाउंट में होने वाली गड़बड़ियों को EPFO की ऑनलाइन सर्विस हिस्ट्री सुविधा से जांच सकते हैं। यह सुविधा पुराने रिकॉर्ड की गलतियों को पकड़ने…

Bihar Farmers News: Farmer ID से किसानों को मिलेगा दोहरा फायदा, KCC लेना होगा आसान

मुजफ्फरपुर के किसानों के लिए फार्मर आईडी अब खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में अहम साबित होगी। यह डिजिटल पहचान पीएम किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड…

मिथिला के युवाओं के लिए बड़ा तोहफा, दरभंगा तारामंडल में दिखेगी अंतरिक्ष की अद्भुत दुनिया

मिथिला के युवाओं के लिए दरभंगा तारामंडल में अंतरिक्ष विज्ञान गैलरी और नवाचार केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय अंतरिक्ष आयोग की सहमति के बाद इसरो…

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों से भिड़ गए थे कमलेश्वरी चौधरी, जेल की यातनाएं भी सहीं

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बांका जिले के कमलेश्वरी चौधरी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने जेल की कठोर यातनाएं भी सहीं, फिर भी उनका हौसला नहीं…

1857 के गदर से अगस्त क्रांति तक: सीमांचल के सपूतों ने हर दौर में अंग्रेजों के छुड़ाए छक्के, पढ़ें शौर्यगाथा

अररिया के स्वतंत्रता सेनानियों ने 1857 से 1942 की क्रांति तक देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया। जानिए अररिया के वीरों के संघर्ष की गौरवमयी कहानी। भारत-नेपाल की…

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में 13 अगस्त 1942 को 13 रणबांकुरों ने दी शहादत, छात्र ध्रुव कुंडू का बलिदान बना युवाओं की प्रेरणा

कटिहार की 79वीं स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, 13 अगस्त 1942 को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले 13 वीर सपूतों को याद…

अंग्रेजों को हिलाने वाले रामचरण लोहार: मिली थी 10 साल की सजा और 10 बेंत, आज मुफलिसी में जी रहा परिवार

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जमुई के रामचरण लोहार, सहदेव हलवाई और मिश्री नोनिया जैसे गुमनाम वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं. इन क्रांतिकारियों को 10…

सहरसा के 6 अमर शहीद: 1942 में पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजी बंदूकों का किया सामना, पढ़ें शौर्य गाथा

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सहरसा में 6 वीर सपूतों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. जानें कैसे उन्होंने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों का सामना किया और…

पूर्णिया के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी: रुपौली में 3 अंग्रेज अफसरों के खिलाफ भड़का विद्रोह, पढ़ें अनकही शौर्य गाथा

बिहार के पूर्णिया जिले का स्वतंत्रता संग्राम में गौरवशाली इतिहास रहा है, जहां 51 वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया. कई गुमनाम नायकों के…