नई दिल्ली। भारत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़े multi-fuel strategic reserve programme पर काम किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत LPG और natural gas की खपत पर levy लगाकर भविष्य के fuel-storage infrastructure के लिए धन जुटाने पर विचार किया जा रहा था। यह ध्यान रखना जरूरी है कि उस समय यह प्रस्ताव था, लागू किया गया नया LPG tax नहीं।
क्या है ₹42 अरब डॉलर वाली Strategic Fuel Reserve योजना?
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित multi-fuel strategic reserve programme की कुल लागत लगभग 42 अरब डॉलर आंकी गई थी। योजना का उद्देश्य केवल crude oil का strategic stock रखने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें LNG और LPG के लिए भी अतिरिक्त storage capacity तैयार करने का प्रस्ताव शामिल था।
रिपोर्ट के मुताबिक अगले 10 वर्षों में अतिरिक्त storage capacity तैयार करने की योजना में करीब:
- 28 million metric tonnes crude oil
- 9 million tonnes LNG
- 4 million tonnes LPG
की क्षमता शामिल थी।
इस तरह की व्यवस्था का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध, shipping disruption या supply-chain बाधाओं के दौरान देश को fuel supply में अचानक होने वाली परेशानी से बचाने के लिए अतिरिक्त buffer तैयार करना है।
LPG पर कितना शुल्क लगाने का प्रस्ताव था?
अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार Petroleum Ministry द्वारा LPG पर ₹1.29 प्रति किलो levy लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन था।
Reuters के मुताबिक मौजूदा खपत के आधार पर इससे लगभग 460 million डॉलर सालाना जुटाए जा सकते थे। रिपोर्ट में अनुमान था कि इसका असर सामान्य घरेलू LPG cylinder पर लगभग ₹18 तक हो सकता है।
हालांकि, यह आंकड़ा प्रस्तावित levy के आधार पर किया गया अनुमान था। इसे उस समय लागू घरेलू LPG price या निश्चित भविष्य का cylinder price नहीं माना जाना चाहिए।
Natural Gas पर भी शुल्क का प्रस्ताव
योजना केवल LPG तक सीमित नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार natural gas पर ₹1.43 प्रति standard cubic metre levy का प्रस्ताव भी विचाराधीन था।
Reuters के मुताबिक दोनों levies से मिलकर लगभग 1.5 अरब डॉलर सालाना जुटाने का अनुमान लगाया गया था। इन पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से LPG और natural gas storage infrastructure तैयार करने में किए जाने की बात सामने आई थी।
सरकार को Strategic Reserve की जरूरत क्यों महसूस हुई?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर energy supply में आने वाले व्यवधानों ने यह दिखाया है कि भारत जैसे बड़े fuel-importing देश के लिए supply security कितनी महत्वपूर्ण है।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक Middle East में हुए संघर्ष और उससे जुड़े supply disruptions के बाद भारत की imported fuel पर निर्भरता को लेकर strategic planning पर ज्यादा ध्यान दिया गया। भारत दुनिया के बड़े oil importers में शामिल है और international shipping routes में किसी बड़े व्यवधान का असर domestic energy market पर पड़ सकता है।
भारत के पास पहले से strategic crude oil reserves हैं। सरकार ने मार्च 2025 में संसद में बताया था कि Indian Strategic Petroleum Reserve Limited के माध्यम से 5.33 million metric tonnes की strategic crude storage capacity तीन स्थानों—Visakhapatnam, Mangaluru और Padur—में स्थापित की जा चुकी थी। अतिरिक्त 6.5 million tonnes capacity के लिए Chandikhol और Padur projects भी approved थे।
नए प्रस्ताव का महत्वपूर्ण पहलू यह था कि strategic storage framework को crude oil से आगे बढ़ाकर LPG और LNG तक ले जाने पर विचार किया जा रहा था।
क्या LPG पर नया टैक्स लागू हो चुका है?
नहीं—इस खबर को इसी तरह स्पष्ट लिखना जरूरी है।
अगस्त 2026 में सामने आई रिपोर्ट के समय LPG levy केवल proposed funding mechanism था। Reuters ने स्पष्ट किया था कि proposal पर विभिन्न मंत्रालयों के बीच चर्चा चल रही थी और इसे Cabinet की final approval नहीं मिली थी।
इसलिए headline या article में यह नहीं लिखना चाहिए कि “सरकार ने LPG पर ₹1.29 का टैक्स लगा दिया”।
सही wording होगी:
“LPG पर ₹1.29 प्रति किलो levy लगाने का प्रस्ताव”
इससे पाठकों को proposal और implemented policy के बीच स्पष्ट अंतर समझ आता है।
मौजूदा LPG व्यवस्था से जुड़ी एक अहम जानकारी
सितंबर 2026 में Petroleum Ministry ने domestic LPG subsidy से जुड़े Biometric Aadhaar Authentication के संबंध में अलग निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अनुसार 19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ active domestic LPG consumers, यानी 89.9%, biometric authentication पूरा कर चुके थे। 1 अक्टूबर 2026 से regulated price पर subsidy के साथ refill booking के लिए authentication पूरा होना जरूरी बताया गया है।
यह व्यवस्था अलग मुद्दा है और इसे proposed ₹1.29/kg strategic-reserve levy के साथ मिलाकर नहीं देखना चाहिए।
आम LPG उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर भविष्य में इस तरह की levy को मंजूरी मिलती है और इसे LPG consumption पर लागू किया जाता है, तो इसका प्रभाव cylinder की effective cost पर पड़ सकता है। लेकिन वास्तविक consumer impact इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार levy को किस तरीके से लागू करती है और domestic LPG pricing तथा subsidy व्यवस्था के साथ इसका समायोजन कैसे किया जाता है।
इसलिए फिलहाल केवल प्रस्तावित ₹18 प्रति cylinder के अनुमान को निश्चित अतिरिक्त कीमत मानना सही नहीं होगा। यह Reuters द्वारा प्रस्तावित levy के आधार पर दिया गया अनुमान था।
भारत की Energy Security के लिए क्या मायने?
Strategic reserves का मुख्य उद्देश्य सामान्य परिस्थितियों में fuel prices तय करना नहीं, बल्कि emergency situation में supply continuity बनाए रखना है।
यदि पर्याप्त storage infrastructure तैयार होता है, तो अंतरराष्ट्रीय supply disruption के दौरान देश के पास तत्काल इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त fuel buffer उपलब्ध रह सकता है। LPG और LNG को strategic reserve framework में शामिल करने की योजना इसी broader energy-security approach का हिस्सा बताई गई थी।
निष्कर्ष
भारत में LPG और natural gas users पर levy लगाकर multi-fuel strategic reserve के लिए funding जुटाने का प्रस्ताव अगस्त 2026 में सामने आया था। प्रस्ताव के तहत LPG पर ₹1.29/kg और natural gas पर ₹1.43/standard cubic metre levy की बात कही गई थी।
हालांकि, इसे लागू LPG tax समझना सही नहीं है। उस समय proposal को Cabinet की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी था। इसलिए इस खबर को प्रकाशित करते समय proposal, reported figures और confirmed government decisions के बीच स्पष्ट अंतर रखना जरूरी है।
Sources: Reuters; Petroleum Planning & Analysis Cell (PPAC); Press Information Bureau, Ministry of Petroleum & Natural Gas.
