Birth Death Registration Rules: सरकार जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव करने जा रही है. इससे संबंधित विधेयक को राज्यसभा ने मंजूरी दे दी है. लोकसभा ने पहले ही मंजूरी दे दी थी. प्रस्तावित विधेयक में रजिस्ट्रेशन में 2 साल से अधिक देरी पर न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य कर दिया गया है.

Birth Death Registration Rules: जन्म औ मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में कोहाती बरतने वाले सावधान हो जाएं. सरकार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इससे संबंधित विधेयक को राज्यसभा ने मंगलवार को मंजूरी दे दी. लोकसभा से पहले ही विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है. इस विधेयक का नाम जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 है.

मंगलवार को दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब उच्च सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तब उपसभापति हरिवंश की अनुमति से गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने के लिए पेश किया. राय ने सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच यह विधेयक पेश किया. विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन करना है, ताकि विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को अधिक कड़ा बनाया जा सके.

मौजूदा प्रावधानों के तहत यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अथवा किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है. विधेयक में देरी की अवधि के आधार पर दो-स्तरीय मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है.

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