गया: नीमचक बथानी प्रखंड के खुखड़ी गांव निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें रूस में आयोजित International Festival of Youth (IFY) 2026 के लिए भारतीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया था। सितंबर 2026 में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य चरण और क्षेत्रीय कार्यक्रम में उन्होंने युवा संवाद, सामाजिक विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
शैलेन्द्र कुमार का चयन ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक और युवा नेतृत्व से जुड़े कार्यों की पृष्ठभूमि में हुआ। खुखड़ी गांव से शुरू हुई उनकी सामाजिक गतिविधियों की यात्रा रूस के अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंची, जहां उन्होंने भारत और ग्रामीण युवाओं से जुड़े अनुभव साझा किए।
रूस के येकातेरिनबर्ग और सेंट पीटर्सबर्ग में कार्यक्रम
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IFY 2026 का मुख्य कार्यक्रम 11 से 17 सितंबर तक रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ। इसके बाद 18 से 22 सितंबर तक सेंट पीटर्सबर्ग में क्षेत्रीय कार्यक्रम रखा गया, जिसमें शैलेन्द्र कुमार ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के युवा प्रतिनिधियों के साथ संवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचारों के आदान-प्रदान की गतिविधियां शामिल रहीं।
शैलेन्द्र कुमार ने अपने अनुभव को ग्रामीण युवाओं, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में भी जोड़ा। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व उनके लिए उपलब्धि के साथ-साथ जिम्मेदारी का अवसर भी है।
छात्र जीवन से शुरू हुआ सामाजिक कार्यों का सफर
शैलेन्द्र कुमार का सामाजिक कार्यों से जुड़ाव छात्र जीवन से रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, आपदा प्रबंधन और कोविड-19 जागरूकता जैसे क्षेत्रों में काम किया है।
ग्रामीण समुदायों के साथ काम करने के दौरान उन्होंने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके अलावा हरियाणा के नूंह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी करीब दो वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और महिला सशक्तीकरण से संबंधित गतिविधियों में उनके जुड़ाव की जानकारी सामने आई है।
NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित
शैलेन्द्र कुमार को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में NSS राष्ट्रपति पुरस्कार 2020-21 से सम्मानित किए जाने की जानकारी उपलब्ध है। यह सम्मान उनके सामाजिक कार्यों से जुड़े सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है।
उनके सामाजिक कार्यों का दायरा शिक्षा और जागरूकता से लेकर पर्यावरण तथा सामुदायिक विकास तक रहा है। वर्तमान में भी वे बिहार में युवा नेतृत्व और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़े होने की जानकारी देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ग्रामीण युवाओं की बात रखने का अवसर
शैलेन्द्र कुमार के लिए IFY 2026 में भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण युवाओं से जुड़े अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाना रहा। उन्होंने अपनी सार्वजनिक जानकारी में कहा है कि खुखड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस से प्राप्त अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए संवाद को वे आगे ग्रामीण युवाओं के विकास और सामाजिक बदलाव से जुड़े कार्यों में उपयोग करने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
शैलेन्द्र कुमार के चयन और रूस में भारत के प्रतिनिधित्व को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और मंत्री श्रेयसी सिंह की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
इन सार्वजनिक शुभकामना संदेशों में उनके सामाजिक कार्य और अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम में भागीदारी का उल्लेख किया गया। यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और शैलेन्द्र कुमार से जुड़ी सार्वजनिक पोस्टों में भी सामने आई है।
गया से रूस तक पहुंची युवा सामाजिक कार्यकर्ता की यात्रा
नीमचक बथानी के खुखड़ी गांव से शुरू हुई शैलेन्द्र कुमार की यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंच चुकी है। NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियों और अब IFY 2026 में भारत के प्रतिनिधित्व तक उनका सफर शिक्षा, युवा भागीदारी और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है।
उनका यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव आगे ग्रामीण युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में किस तरह उपयोग होता है, यह भी उनके सामाजिक कार्यों की अगली दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। शैलेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय मंच से मिले अनुभवों को ग्रामीण विकास और युवा नेतृत्व के कार्यों में लगाने की बात कही है।
खुखड़ी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
गया जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर रूस के अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करना शैलेन्द्र कुमार के व्यक्तिगत सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके सामाजिक कार्य, NSS से जुड़ी उपलब्धि और युवा नेतृत्व के अनुभव ने उनके प्रोफाइल को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तक पहुंचने में भूमिका निभाई।
IFY 2026 में भागीदारी के जरिए उन्होंने विभिन्न देशों के युवाओं के साथ संवाद किया और सामाजिक विकास से जुड़े अनुभवों को साझा करने का अवसर प्राप्त किया।टर्सबर्ग तक पहुंची शैलेन्द्र की यात्रा
गया के नीमचक बथानी प्रखंड के खुखड़ी गांव से शुरू हुई शैलेन्द्र कुमार की यात्रा अब रूस के सेंट पीटर्सबर्ग तक पहुंच चुकी है। NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके सामाजिक और युवा नेतृत्व से जुड़े सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उनकी सफलता से परिवार, गांव और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र के एक युवा का अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना स्थानीय युवाओं के लिए भी उत्साह और प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
