गया जिले के नीमचक बथानी प्रखंड के खुखड़ी गांव से निकलकर युवा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित International Festival of Youth (IFY) 2026 के रीजनल कार्यक्रम में शैलेन्द्र कुमार भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंचने की उनकी यह उपलब्धि गया और बिहार के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
शैलेन्द्र कुमार की इस उपलब्धि पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई प्रमुख लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। जनप्रतिनिधियों ने उनकी सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
रूस में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे शैलेन्द्र
सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ के कार्यक्रम में करीब 20 देशों के लगभग 30 प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें शैलेन्द्र कुमार भारत के प्रतिनिधि के रूप में भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान वह युवा संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम विभिन्न देशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, विचारों और अनुभवों को समझने तथा संवाद करने का अवसर प्रदान करता है।
शैलेन्द्र कुमार के लिए यह मंच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों और युवा गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र से अपनी यात्रा शुरू की और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने दी शुभकामनाएं
शैलेन्द्र कुमार की उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें गया का होनहार युवा बताते हुए शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी शैलेन्द्र कुमार की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने गया की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने को युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शैलेन्द्र कुमार की प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी उन्हें बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं शैलेन्द्र
शैलेन्द्र कुमार का सामाजिक और युवा गतिविधियों से जुड़ा सफर पहले से ही उल्लेखनीय रहा है। उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
पिछले कई वर्षों से वह शिक्षा, सामाजिक विकास और युवा नेतृत्व से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने विभिन्न स्तरों पर युवा नेतृत्व और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया।
उनकी इसी सक्रियता और अनुभव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम तक पहुंचने का अवसर दिया है।
सीमित संसाधनों के बीच बड़े मंच तक पहुंचने की कहानी
खुखड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर सेंट पीटर्सबर्ग के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना शैलेन्द्र कुमार की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनकी उपलब्धि इस बात को सामने लाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के पास भी प्रतिभा और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता है।
शैलेन्द्र कुमार ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई देने वाले जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गया की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व के साथ-साथ जिम्मेदारी का भी विषय है।
युवाओं के लिए काम जारी रखने की बात
शैलेन्द्र कुमार ने अपनी उपलब्धि को केवल व्यक्तिगत सफलता के तौर पर नहीं देखते हुए इसे गया और बिहार के युवाओं से भी जोड़ा। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के युवा बड़े लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर उन्हें समाज और युवाओं के लिए आगे भी बेहतर काम करने की प्रेरणा देगा। युवा नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता जारी रहने की बात उन्होंने कही।
गया से सेंट पीटर्सबर्ग तक पहुंची शैलेन्द्र की यात्रा
गया के नीमचक बथानी प्रखंड के खुखड़ी गांव से शुरू हुई शैलेन्द्र कुमार की यात्रा अब रूस के सेंट पीटर्सबर्ग तक पहुंच चुकी है। NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके सामाजिक और युवा नेतृत्व से जुड़े सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उनकी सफलता से परिवार, गांव और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र के एक युवा का अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना स्थानीय युवाओं के लिए भी उत्साह और प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
