गया में पितृपक्ष मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। देश-विदेश से गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है। प्रशासन की ओर से ‘पिंडदान गया जी’ नाम से मोबाइल ऐप और वेबसाइट शुरू की गई है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पितृपक्ष मेले से जुड़ी महत्वपूर्ण और आधिकारिक जानकारी श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
अब श्रद्धालु गया आने से पहले अपने मोबाइल फोन के माध्यम से पिंडदान की प्रक्रिया, विभिन्न वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, रहने की व्यवस्था, पंडा, होटल, यातायात और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे तीर्थयात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी और गया पहुंचने के बाद भी उन्हें आवश्यक जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकने की जरूरत कम होगी।
‘पिंडदान गया जी’ ऐप बनेगा श्रद्धालुओं का डिजिटल गाइड
जिला प्रशासन की ओर से तैयार किया गया ‘पिंडदान गया जी’ मोबाइल ऐप तीर्थयात्रियों के लिए डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा। ऐप के जरिए श्रद्धालु पितृपक्ष मेले से जुड़ी विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा प्रशासन की वेबसाइट pinddaan-gaya.bihar.gov.in भी उपलब्ध कराई गई है। इन दोनों माध्यमों से श्रद्धालुओं को पिंडदान और गया में उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप में मिलेगी।
घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा
डिजिटल व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को घर से ही ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा गया में मौजूद अलग-अलग पिंडदान वेदियों और वहां होने वाले दैनिक धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित जानकारी भी ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बनाते समय यह जानकारी देख सकते हैं कि उन्हें किस स्थान पर जाना है और वहां किस प्रकार की धार्मिक गतिविधियां आयोजित होती हैं। इससे पहली बार गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को व्यवस्थित करना आसान हो सकता है।
पंडा, होटल और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी
पितृपक्ष मेले के दौरान सबसे बड़ी जरूरतों में से एक श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था होती है। इसे ध्यान में रखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंडा से संबंधित जानकारी के साथ-साथ टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल और अतिथि गृहों की उपलब्धता, क्षमता और संपर्क संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
श्रद्धालु गया पहुंचने से पहले ही अपने ठहरने के विकल्पों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे भीड़ के समय आवास तलाशने में होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
अलग-अलग भाषाओं में मिलेगी मदद
पितृपक्ष मेले में बिहार के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले श्रद्धालुओं को जानकारी देने के लिए प्रशासन ने बहुभाषीय सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया है।
गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के अनुसार, इस बार ‘मे आई हेल्प यू’ व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से जोड़ा जा रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को उनकी भाषा में सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी, ताकि भाषा की वजह से उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
एआई और Google Translator की सुविधा
बहुभाषीय सहायता को बेहतर बनाने के लिए इस बार एआई आधारित सुविधा और Google Translator का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई है। मेला क्षेत्र में जरूरत के अनुसार अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में बात करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय सहायता केंद्रों के बीच संवाद को आसान बनाना है। दूसरे राज्यों और देशों से आने वाले तीर्थयात्री अपनी समस्या या आवश्यकता को समझाने में इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।
ट्रेन, फ्लाइट और स्थानीय परिवहन की जानकारी एक जगह
गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन संबंधी जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है। ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ी समय-सारणी और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी। हवाई मार्ग से आने वाले लोगों के लिए गया एयरपोर्ट से संबंधित जानकारी भी दी गई है।
इसके अलावा स्थानीय परिवहन, पार्किंग स्थल और निर्धारित किराया सूची की जानकारी भी ऐप और वेबसाइट के माध्यम से देखी जा सकेगी। इससे श्रद्धालुओं को गया पहुंचने के बाद अपने गंतव्य तक जाने के लिए उपलब्ध परिवहन विकल्पों की जानकारी पहले से मिल सकेगी।
खोया-पाया और आपातकालीन सहायता की सुविधा
पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने के कारण भीड़ काफी बढ़ जाती है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बिछड़ने या सामान के खोने जैसी स्थिति से निपटने के लिए खोया-पाया सुविधा को भी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा गया है।
इसके साथ ही ऐप पर पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। आपात स्थिति में श्रद्धालु इन नंबरों के जरिए संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
ऐप में Quick Emergency Call की सुविधा भी शामिल की गई है। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु इस सुविधा के जरिए तत्काल संबंधित आपातकालीन सेवा से संपर्क करने का प्रयास कर सकेंगे।
पितृपक्ष मेले में डिजिटल व्यवस्था से मिलेगी सुविधा
गया का पितृपक्ष मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए गयाजी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आगमन को देखते हुए सूचना और सहायता सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना प्रशासन की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
‘पिंडदान गया जी’ ऐप और वेबसाइट के माध्यम से प्रशासन ने पिंडदान, आवास, परिवहन, धार्मिक स्थलों, हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराने की कोशिश की है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले तैयारी करने और गया पहुंचने के बाद आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
पितृपक्ष मेले के दौरान प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही यह डिजिटल सुविधा खास तौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जो पहली बार गयाजी आ रहे हैं या दूसरे राज्यों और विदेशों से यात्रा कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी सेवा, समय-सारणी या उपलब्धता में बदलाव की स्थिति में श्रद्धालुओं को आधिकारिक प्रशासनिक सूचना को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।
