मिथिला के युवाओं के लिए दरभंगा तारामंडल में अंतरिक्ष विज्ञान गैलरी और नवाचार केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय अंतरिक्ष आयोग की सहमति के बाद इसरो के तकनीकी मार्गदर्शन में यह पहल विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देगी।
मिथिला के युवाओं के लिए अंतरिक्ष की दुनिया अब सिर्फ किताबों और स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगी। दरभंगा तारामंडल में अंतरिक्ष विज्ञान की गैलरी और नवाचार केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
यहां युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान और नई तकनीक को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। अंतरिक्ष आयोग की सहमति के बाद इस दिशा में तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अंतरिक्ष आयोग ने दी सहमति
सांसद डा. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि दरभंगा तारामंडल में अंतरिक्ष गैलरी और नवाचार केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को भारतीय अंतरिक्ष आयोग की सहमति मिल गई है। भारतीय अंतरिक्ष आयोग के चेयरमैन डा. वी. नारायण की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर सांसद ने यह जानकारी दी।
विज्ञान के प्रति बढ़ेगी रुचि
इस पहल को मिथिला में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक तकनीक तथा अनुसंधान से जुड़ी जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
तकनीकी मार्गदर्शन की पहल
केंद्र की स्थापना और संचालन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए इसरो के स्तर से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सांसद ने बताया कि इस दिशा में आगे की कार्ययोजना तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार की जाएगी।
इसरो अधिकारी बने संपर्क अधिकारी
इसरो मुख्यालय के डायरेक्टर जी. हरिकृष्णन को तकनीकी समन्वय के लिए संपर्क अधिकारी नामित किया गया है। उनके माध्यम से केंद्र की स्थापना से जुड़े तकनीकी पहलुओं और आवश्यक संसाधनों पर आगे काम किया जाएगा।
युवाओं को अंतरिक्ष से जोड़ने की पहल
सांसद डा. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि दरभंगा तारामंडल में अंतरिक्ष गैलरी और नवाचार केंद्र की स्थापना से मिथिला के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक विज्ञान को समझने और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
इसरो के साथ बनेगी कार्ययोजना
अब इसरो के साथ तकनीकी समन्वय को आगे बढ़ाते हुए केंद्र की स्थापना से संबंधित विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
