mithilani

Bihar Sugar Mill: बिहार की लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में सरकार ने जमीन से जुड़े कानूनी विवादों की समीक्षा शुरू की थी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और गन्ना उद्योग विभाग मिलकर इन मामलों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।

जमीन के रिकॉर्ड और लंबित मामलों की समीक्षा
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बंद चीनी मिलों से जुड़ी जमीन और अदालतों में लंबित मामलों की जानकारी ली गई। अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई और संबंधित दस्तावेजों की भी समीक्षा की गई।

मालिकाना हक और जमीन की प्रकृति की जांच
अधिकारियों को जमीन की प्रकृति, स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करने का निर्देश दिया गया। सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में अदालत के सामने सरकार का पक्ष मजबूती से रखने और रैयती जमीन के मामलों में सही रिकॉर्ड प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।

बारा चकिया चीनी मिल की 1,008 एकड़ जमीन
पूर्वी चंपारण के बारा चकिया चीनी मिल की करीब 1,008 एकड़ जमीन और परिसंपत्तियों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। इसमें बेतिया राज की जमीन शामिल होने की जानकारी दी गई है। मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में है और सरकार इसके समाधान के लिए प्रभावी पैरवी की तैयारी कर रही है।

दो विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई
दोनों विभागों के सचिवों को लंबित मामलों की अपडेट सूची तैयार करने और नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था। सरकार का कहना है कि जमीन संबंधी विवादों के समाधान से बंद मिलों को दोबारा शुरू करने या वहां नए औद्योगिक प्रोजेक्ट लगाने का रास्ता आसान हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *