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Independence Day: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया. इस अवसर पर 13 विभागों द्वारा प्रदर्शित झांकियों ने बिहार की समृद्ध विरासत, प्रगतिशील शिक्षा, और महिला सशक्तिकरण को उजागर किया गया.

Independence Day 2026 Gandhi Maidan: बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस 2026 समारोह पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने सुबह 9 बजे गांधी मैदान में तिरंगा फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी. मुख्यमंत्री के रूप में गांधी मैदान में यह उनका पहला ध्वजारोहण रहा. पिछली बार वह यहां उपमुख्यमंत्री के रूप में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए थे.

80वें स्वतंत्रता वर्ष में प्रवेश पर मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली अवसर उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को याद करने का है, जिनके संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली.

विकसित बिहार के निर्माण का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार को मिल रहे सहयोग एवं संसाधनों का सदुपयोग करते हुए सभी मिलकर समृद्ध बिहार के निर्माण के संकल्प को साकार करेंगे. उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की.

गांधी मैदान में 1500 जवानों ने संभाली सुरक्षा

स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये. गांधी मैदान क्षेत्र में करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की गयी. सुरक्षा व्यवस्था के तहत चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मौजूद रहा. सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी पूरे इलाके की निगरानी की गयी. प्रतिनियुक्त अधिकारी और जवान सुबह छह बजे से ही अपने निर्धारित स्थानों पर तैनात हो गये थे. समारोह में आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाये गये थे.

Independence Day 2026: 13 विभागों की झांकियों में दिखा बिहार का विकास

स्वतंत्रता दिवस समारोह में कुल 13 विभागों की झांकियां निकाली गयीं. इन झांकियों के माध्यम से बिहार की प्राकृतिक विरासत, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तीकरण, ऊर्जा, उद्योग, सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया.

मुंडेश्वरी धाम और टाइगर रिजर्व की दिखी झलक

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की झांकी कैमूर के प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम, भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता पर आधारित रही. झांकी के माध्यम से बिहार की समृद्ध प्राकृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाया गया.

विरासत से डिजिटल शिक्षा तक दिखी बिहार की तस्वीर

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की झांकी ‘जान भारत’ के माध्यम से विरासत संरक्षण और प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन को प्रदर्शित किया गया. कृषि विभाग की झांकी में आधुनिक और स्मार्ट तकनीक से खेती की तस्वीर दिखाई गयी. वहीं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और शिक्षा विभाग की झांकी में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तथा मुख्यमंत्री की योजनाओं को केंद्र में रखा गया.

डिजिटल शिक्षा की दिखी झांकियां
डिजिटल शिक्षा की दिखी झांकियां

गांधी मैदान में दिखी स्मार्ट खेती की झांकी

गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई झांकियों में कृषि विभाग की स्मार्ट खेती आधारित झांकी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. झांकी में आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक खेती और किसानों की बदलती भूमिका को आकर्षक मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया. खेत, फसल और किसानों के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को दर्शाते हुए झांकी ने कम लागत में बेहतर उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने का संदेश दिया. झांकी में ग्रामीण परिवेश और खेती से जुड़ी आकर्षक कलाकृतियों के जरिए लोगों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित कृषि की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया.

गांधी मैदान में दिखी स्मार्ट खेती की झांकी
गांधी मैदान में दिखी स्मार्ट खेती की झांकी

पशुपालन और जीविका की झांकी, आत्मनिर्भरता का दिया संदेश

गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई झांकी में जीविका और पशुपालन विभाग की थीम को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया. झांकी में पशु संसाधन केंद्र, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, पशु आहार, टीकाकरण और आधुनिक पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का संदेश दिया गया. झांकी को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जबकि इसमें ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया गया.

पशुपालन और जीविका की झांकी
पशुपालन और जीविका की झांकी

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