कटिहार की 79वीं स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, 13 अगस्त 1942 को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले 13 वीर सपूतों को याद किया जा रहा है. छात्र ध्रुव कुंडू जैसे वीरों का बलिदान आज भी राष्ट्रप्रेम की मिसाल है.

देश की आजादी की 79वीं सालगिरह के अवसर पर कटिहार जिले में स्वाधीनता संग्राम के उन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया जा रहा है, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं. स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में 12 और 13 अगस्त 1942 की तारीखें कटिहार के लिए स्वर्णिम और ऐतिहासिक मानी जाती हैं. महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के आह्वान पर 13 अगस्त 1942 को कटिहार शहर में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उग्र प्रदर्शन के दौरान छात्र ध्रुव कुंडू समेत 13 वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी.

कटिहार में ‘अगस्त क्रांति’ का ऐतिहासिक महत्व

वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम से लेकर 15 अगस्त 1947 तक चले लंबे संघर्ष में कटिहार का योगदान अविस्मरणीय रहा है:

  • गांधी जी के आगमन का प्रभाव: महात्मा गांधी के कटिहार आगमन और 1942 में बंबई से दिए गए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के नारे ने स्थानीय युवाओं व छात्रों में आजादी की नई ऊर्जा भर दी थी.
  • 12 व 13 अगस्त का जनविद्रोह: कटिहार के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग क्रांतिकारी दस्ते सक्रिय हुए. 12 अगस्त को जिले के कई हिस्सों में संघर्ष हुआ, वहीं 13 अगस्त 1942 को कटिहार शहर में ब्रिटिश सिपाहियों के साथ सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें क्रांतिकारियों ने गोलियों की परवाह किए बिना सीने पर प्रहार झेले.
  • छात्र ध्रुव कुंडू की अमर गाथा: अल्पायु में ही छात्र ध्रुव कुंडू ने तिरंगे की रक्षा करते हुए अंग्रेजों की गोली खाई और शहादत दी. उनका बलिदान आज भी सीमांचल और बिहार के युवाओं के लिए राष्ट्रप्रेम की सर्वोच्च मिसाल बना हुआ है.

नगर निगम स्थित शहीद स्मारक: बलिदान का साक्षी

कटिहार नगर निगम कार्यालय और टाउन हॉल के समीप स्थापित शहीद स्मारक उन 13 वीर सपूतों की अमर गाथा का जीवंत प्रतीक है. स्थानीय स्तर पर हर वर्ष अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर यहां विशेष श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं और शहीदों के बलिदान को नमन किया जाता है.

13 अगस्त 1942 को शहीद हुए कटिहार के अमर रणबांकुरे

ब्रिटिश हुकूमत की गोलियों का डटकर सामना करते हुए 13 अगस्त 1942 को अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रमुख अमर शहीदों की सूची:

  1. शहीद छात्र ध्रुव कुंडू
  2. शहीद रामाशीष सिंह
  3. शहीद रामाधार सिंह
  4. शहीद कलानंद मंडल
  5. शहीद दामोदर साह
  6. शहीद बिहारी साह
  7. शहीद भूसी साह
  8. शहीद फूलो मोदी
  9. शहीद नाट्य यादव
  10. शहीद नाट्य तियर
  11. शहीद लालजी मंडल
  12. शहीद झबरू मंडल
  13. शहीद झबरू मंडल (झौआ)

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