पटना : राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू कर दिया गया है. शिक्षा विभाग द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसकी जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि कई विधायक, शिक्षक नेता और शिक्षकों द्वारा लगातार शनिवार को हाफ-डे करने की मांग की जा रही थी. शिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए सभी सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू कर दिया गया है. शिक्षा मंत्री गुरुवार को विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पिछले दिनों मुंगेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को हाफ-डे करने की ओर इशारा किए थे. इसको देखते हुए सरकारी विद्यालयों के संचालन अवधि में आंशिक संशोधन करते हुए शनिवार को सुबह 9.30 से दोपहर 1 बजे तक विद्यालय संचालन का समय निर्धारित किया गया है. माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को 1 बजे तक अध्यापन कार्य होंगे एवं शनिवार को पूर्व निर्धारित अन्य गतिविधि संचालित की जाएगी. उसके बाद छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी जाएगी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले यही मेरी पहली प्राथमिकता है. इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.

शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि विद्यालय में स्वीकृत पद से जो अधिक शिक्षक हैं उन्हें ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करना था. इसके लिए शिक्षा विभाग का पोर्टल 30 जुलाई से खुला था और 5 अगस्त की रात 12 बजे बंद हो गया. इसमें राज्य के 106287 शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करना था,जिसमें कुल 73151 शिक्षकों ने आवेदन किया है. अब उनकी स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी. इसी प्रकार पारस्परिक स्थानांतरण के लिए कुल 4259 आवेदन प्राप्त हुए हैं. पारस्परिक स्थानांतरण की कार्रवाई 14 सितंबर तक पूरी की जाएगी. वहीं सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से पोर्टल खुलेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए जिला कैडर बनाया गया है. पांच साल में एक बार शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों की सभी समस्याओं का निदान किया जाएगा. उसके बाद शिक्षक छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. नई शिक्षा नीति के तहत कार्य किये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 9 और 10 अगस्त को बिहार में पहली बार एक साथ जिले में और मुख्यालय में तैनात शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है. जो समस्याएं हैं उस पर विमर्श होगा और उसका निदान करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग में पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है. जिसका परिणाम दिखने लगा है. शिक्षा के उन्नयन के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. इस मौके पर शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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