सिजौल (मधुबनी): संदीप यूनिवर्सिटीक स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीजक तत्वावधान मे बुध दिन बीएड भवन स्थित सेमिनार हॉल मे उद्यमिता पर एकदिवसीय विशेष व्याख्यान आयोजित कयल गेल। ‘उद्यमिता: नवाचार सँ व्यवसाय विस्तार तक’ विषय पर आयोजित एहि कार्यक्रम मे विश्वविद्यालयक प्रबंधन संकायमे अध्ययनरत MBA आ BBA के विद्यार्थीसभ उत्साहपूर्वक भाग लेलनि।
कार्यक्रमक उद्देश्य विद्यार्थीसभमे उद्यमशील सोच विकसित करब, बाजारमे उपलब्ध व्यावसायिक अवसरकेँ पहचानबाक क्षमता बढ़ायब आ नवाचारपूर्ण विचारकेँ सफल व्यवसायमे बदलबाक व्यावहारिक जानकारी देब छल।
नवाचारकेँ टिकाउ व्यवसायमे बदलनाइ जरूरी: प्रो. चौधरी
कार्यक्रमक मुख्य वक्ता IIT मद्रासक पूर्व प्रोफेसर प्रो. श्रीश चौधरी छलाह। ओ अपन संबोधनमे कहलनि जे वर्तमान समयमे सफल उद्यम बनेबाक लेल केवल परंपरागत सोच पर्याप्त नहि अछि। युवासभकेँ वास्तविक जीवनक समस्याकेँ पहचानि ओकर व्यावहारिक आ नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करबाक चाही।
ओ सफल स्टार्टअप आ व्यवसाय निर्माणसँ जुड़ल किछु महत्वपूर्ण बिंदुपर प्रकाश देलनि।
बाजारक मांग आ उपयोगिता: कोनो स्टार्टअपक सफलता केवल एकटा नव विचारपर निर्भर नहि करैत अछि। विचारक व्यावहारिक उपयोगिता, बाजारक वास्तविक मांग आ ग्राहकसभक जरूरतकेँ बुझब सेहो जरूरी अछि।
संसाधनक उचित प्रबंधन: सीमित संसाधनक प्रभावकारी उपयोग, दीर्घकालीन योजना आ समयपर ओकर क्रियान्वयन व्यवसाय केँ टिकाउ बनेबामे महत्वपूर्ण भूमिका निभबैत अछि।
नेतृत्व आ अनुकूलन क्षमता: बदलैत आर्थिक परिस्थिति अनुरूप अपन रणनीतिमे बदलाव आनब, टीमक संग मिलि काज करब आ चुनौतीसभक सामना करबाक क्षमता एकटा उद्यमी लेल महत्वपूर्ण अछि।
बिजनेस मॉडल आ स्टार्टअपक व्यावहारिक जानकारी
व्याख्यानक दौरान विद्यार्थीसभकेँ ग्राहक-केंद्रित सोच, संसाधन प्रबंधन, रणनीतिक निर्णय आ जोखिम प्रबंधनसँ जुड़ल जानकारी केस स्टडीक माध्यमसँ देल गेल।
विद्यार्थीसभ ई बुझलनि जे छोट स्तरपर विकसित कोनो विचारकेँ योजनाबद्ध ढंगसँ व्यावसायिक मॉडलमे कोना बदलल जा सकैत अछि। एहि क्रममे नवाचारकेँ बाजारक जरूरतसँ जोड़बाक आ व्यवसायकेँ चरणबद्ध रूपसँ विस्तार देबाक विभिन्न पहलूपर चर्चा कयल गेल।
प्रश्नोत्तरी सत्रमे विद्यार्थीसभक जिज्ञासाक समाधान
कार्यक्रमक दौरान एकटा विशेष प्रश्नोत्तरी सत्र सेहो आयोजित कयल गेल। एहि सत्रमे MBA आ BBA के विद्यार्थीसभ स्टार्टअप लेल पूँजी जुटेबाक तरीका, व्यवसाय विस्तार आ बाजारक अनिश्चिततासँ संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछलनि।
प्रो. चौधरी विद्यार्थीसभक प्रश्नक उत्तर सरल भाषा आ व्यावहारिक उदाहरणक माध्यमसँ देलनि। एहि संवादात्मक सत्रमे विद्यार्थीसभकेँ उद्यमिता आ व्यवसाय प्रबंधनक विभिन्न पहलूकेँ बेसी स्पष्टतासँ बुझबाक अवसर भेटल।
विद्यार्थीसभक करियर विकास लेल महत्वपूर्ण पहल
एहि शैक्षणिक कार्यक्रमकेँ विद्यार्थीसभक व्यावहारिक ज्ञान, व्यक्तित्व विकास आ करियर निर्माणसँ जुड़ल पहल बताओल गेल। कार्यक्रमक सफल आयोजनमे विश्वविद्यालयक वरिष्ठ पदाधिकारी, प्राध्यापक आ विद्यार्थीसभक योगदान रहल।
कार्यक्रमक अंतमे अतिथि आ मुख्य वक्ताक प्रति धन्यवाद ज्ञापन कयल गेल।
एहि व्याख्यानक माध्यमसँ विद्यार्थी सभकेँ नवाचार, उद्यमशील सोच आ व्यवसाय प्रबंधनक बीचक संबंध बुझबाक अवसर भेटल। संगहि, अपन विचार केँ व्यावहारिक व्यावसायिक योजना मे बदलबाक प्रक्रिया आ व्यवसाय विस्तारक विभिन्न पहलूसँ परिचित होयबाक मौका सेहो भेटल।
