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Sanjay Mishra National Award: दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड के नारायणपुर गांव से जुड़ी अभिनेता संजय मिश्रा की उपलब्धि ने पूरे मिथिलांचल को गौरवान्वित किया है। बचपन में ‘घूटन’ नाम से पुकारे जाने वाले संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ में उनके अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।

संजय मिश्रा की सफलता की कहानी उनके गांव और परिवार से भी गहराई से जुड़ी है। उनके पिता स्वर्गीय शंभुनाथ मिश्रा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत थे और पत्रकारिता से जुड़े रहे, जबकि उनके दादा जगदीप नारायण मिश्रा संयुक्त बिहार-झारखंड के रांची प्रमंडल के आयुक्त रहे थे।

उनका बचपन पटना, बनारस और दिल्ली में बीता। बनारस के घाटों, रामलीला और स्थानीय लोगों के हाव-भाव को करीब से देखने का अनुभव उनके अभिनय पर भी दिखाई दिया। बाद में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने टेलीविजन और फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘ऑफिस-ऑफिस’ के शुक्लाजी से लेकर ‘आंखों देखी’, ‘मसान’ और ‘वध’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा।

फिल्म ‘भक्षक’ में उन्होंने पत्रकार भास्कर सिन्हा की भूमिका निभाई। सामाजिक सरोकार और सच्चाई को सामने लाने वाले इस किरदार के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला।

राष्ट्रीय पहचान हासिल करने के बाद भी संजय मिश्रा का अपने पैतृक गांव नारायणपुर और अपनी जड़ों से जुड़ाव बना हुआ है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनकर सामने आई है।

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