दरभंगा में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम, 300 से अधिक छात्राओं ने पेंटिंग के जरिए दिखाई विकसित भारत की तस्वीर
दरभंगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर दरभंगा के बैरमपुर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालय परिसर में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत 2047’ विषय को केंद्र में रखते हुए भाषण, पेंटिंग और चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में 300 से अधिक छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कल्पना एवं रचनात्मक सोच को अलग-अलग कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय सांसद गोपालजी ठाकुर शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार की गई पेंटिंग और अन्य कलाकृतियों को देखा तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
पाग और अंगवस्त्र भेंट कर सांसद का किया स्वागत
विद्यालय परिवार की ओर से कार्यक्रम में सांसद गोपालजी ठाकुर का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक गौरीशंकर चौधरी की अध्यक्षता में उन्हें पाग, चादर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया। गीत की प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अतिथियों, शिक्षकों और छात्राओं ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
पेंटिंग में छात्राओं ने उकेरी विकसित भारत की कल्पना
‘विकसित भारत 2047’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी कल्पना के अनुसार भारत के भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत की। अलग-अलग पेंटिंग में विकास, शिक्षा, तकनीक, आत्मनिर्भरता और देश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विचार देखने को मिले।
सांसद गोपालजी ठाकुर ने छात्राओं की कलाकृतियों का अवलोकन करते हुए उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की कल्पनाशक्ति और सोच देश के भविष्य को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
नई शिक्षा नीति और तकनीक पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने नई शिक्षा नीति 2020 से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा को महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ नई तकनीकों को समझने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उनके अनुसार, आने वाले समय में ज्ञान, कौशल और रचनात्मक सोच युवाओं की महत्वपूर्ण ताकत बन सकती है।
छात्राओं की शिक्षा को लेकर योजनाओं का किया उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की शिक्षा और सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पोशाक, छात्रवृत्ति, साइकिल और सेनेटरी पैड जैसी योजनाओं के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में सहायता मिल रही है।
इन योजनाओं के कारण ग्रामीण और सामान्य परिवारों की बेटियों के लिए विद्यालय तक पहुंच और पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलने की बात भी कार्यक्रम में कही गई।
300 से अधिक छात्राओं ने लिया हिस्सा
‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्राओं ने पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को देश के भविष्य और विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सोच को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में सीताराम मांझी, पप्पू राय, नवीन राय और भवेश मिश्रा समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने छात्राओं को अपनी कल्पना, विचार और कलात्मक प्रतिभा को सामने रखने का मंच दिया।
