बिहार ग्रामीण बैंक ने मधुबनी में ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए मुखियाओं को अभियान से जोड़ा है। 148 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर चर्चा की।
झंझारपुर (मधुबनी)। बैंक की योजनाओं की जानकारी अब गांव के चौपाल तक पहुंचाने में मुखिया भी अहम भूमिका निभाएंगे। ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए बिहार ग्रामीण बैंक ने पंचायत प्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने की पहल की है। बैंक का लक्ष्य वित्तीय समावेशन को मजबूत करते हुए जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है।
148 पंचायतों के प्रतिनिधि हुए शामिल
झंझारपुर के सम्राट अशोक भवन में आयोजित मुखिया आउटरीच कार्यक्रम में झंझारपुर, फुलपरास और जयनगर अनुमंडल की 148 ग्राम पंचायतों के मुखिया और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर चर्चा की।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बैंक अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक पात्र परिवार तक इसका लाभ पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के साथ जनप्रतिनिधियों का सहयोग महत्वपूर्ण है।
जरूरतमंदों को बैंक से जोड़ेंगे मुखिया
मुखियाओं से अपील की गई कि वे अपने पंचायत क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें बैंक की ऋण और जमा योजनाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करें। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने में भी पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका तय की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
कार्यक्रम में बैंक की विभिन्न ऋण एवं जमा योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और वित्तीय समावेशन से जुड़ी जानकारी साझा की गई। मुखिया संघ अध्यक्ष मिथिलेश झा ने बैंक को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। जिला परिषद उपाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि गांवों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैंक ने पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाकर योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
