जयनगर-खजौली के बीच एनएच-527बी पर बन रहे आरओबी के निर्माण में तेजी आई है. 1568.38 मीटर लंबे इस पुल के 50 पाइल और 14 प्री-कास्ट गर्डर का काम पूरा हो चुका है. आरओबी बनने से रेलवे क्रॉसिंग का जाम कम होगा.
मधुबनी आरओबी अपडेट: जयनगर एवं खजौली स्टेशन के बीच दरभंगा-जयनगर पथ एनएच-527बी पर एलसी संख्या-39 के स्थान पर निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. 1568.38 मीटर लंबे इस आरओबी के निर्माण की कुल प्रशासनिक स्वीकृति 178 करोड़ रुपये है. परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम और वाहनों के अनावश्यक ठहराव से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
2028 तक पूरा होना है निर्माण
आरओबी निर्माण के लिए गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, गुरुग्राम को एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है. कार्यादेश 20 अगस्त 2025 को जारी हुआ था और निर्माण पूरा करने की अवधि 30 महीने निर्धारित है. परियोजना की तय पूर्णता तिथि 19 फरवरी 2028 है. रिपोर्ट के अनुसार अब तक आरओबी का 14.55 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है.
68 में 50 पाइल का निर्माण पूरा
निर्माण कार्य को फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और आरई वॉल/एप्रोच रोड के स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. मधुबनी साइड के ए-2 हिस्से में निर्धारित 68 पाइल में से 50 का निर्माण पूरा हो चुका है. यहां 10 पाइल कैप में से छह का काम भी पूरा कर लिया गया है.
रेलवे स्टेशन साइड के ए-3 हिस्से में कुल 50 पाइल में से 19 पाइल का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं मधुबनी साइड पर 11 एबटमेंट/पियर शाफ्ट में से पांच का निर्माण पूरा किया जा चुका है.
24 में 14 प्री-कास्ट गर्डर तैयार
सब-स्ट्रक्चर के तहत 10 पियर कैप में से दो का काम पूरा हो चुका है. सुपर-स्ट्रक्चर में भी निर्माण गतिविधियां जारी हैं. कुल 24 प्री-कास्ट गर्डरों में से 14 का निर्माण पूरा कर लिया गया है.
वर्तमान प्रगति के अनुसार फाउंडेशन का काम 21 प्रतिशत, सब-स्ट्रक्चर तीन प्रतिशत और सुपर-स्ट्रक्चर छह प्रतिशत पूरा हुआ है. निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के साथ गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है.
नेपाल सीमा तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
आरओबी बनने के बाद जयनगर-खजौली मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के कारण होने वाले यातायात व्यवधान में कमी आएगी. इससे जयनगर, खजौली के अलावा नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी. जिला प्रशासन परियोजना की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा कराया जा सके.
