डीसीई में आयोजित कार्यक्रम में स्टार्टअप बिहार, उद्योग विभाग और आईआईटी पटना के प्रतिनिधियों ने युवा उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने और बाजार तक पहुंच बनाने के तरीके बताए. कार्यक्रम में दो नए स्टार्टअप उत्पादों का शुभारंभ भी किया गया.
दरभंगा न्यूज: विश्व उद्यमिता दिवस पर दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई) में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए ‘स्केल-अप एवं मार्केट एक्सेस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. डीसीई के स्टार्टअप सेल और एमआईआईटीआईई के सहयोग से हुए कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उद्यमिता, नवाचार, उत्पाद विकास, बाजार तक पहुंच और कारोबार विस्तार की बारीकियों की जानकारी दी गयी. इस दौरान दो स्टार्टअप उत्पादों का भी शुभारंभ किया गया.
सरकारी योजनाओं और बाजार विस्तार की मिली जानकारी
कार्यक्रम में स्टार्टअप बिहार, उद्योग विभाग, डीसीई स्टार्टअप सेल, एमआईआईटीआईई और आईआईटी पटना के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक ने युवा उद्यमियों को स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और उद्योग विभाग की सहायता के बारे में बताया.
आईआईटी पटना के कार्यकारी नवीन कुमार ने नवाचार, उत्पाद विकास और बाजार विस्तार के जरूरी पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया. उन्होंने स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद को बेहतर बनाने के साथ बाजार की जरूरतों को समझकर आगे बढ़ने पर जोर दिया.
डीसीई में दो स्टार्टअप उत्पाद लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान डीसीई के प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने दो स्टार्टअप उत्पादों का शुभारंभ किया. इनमें रवि कुमार का स्टार्टअप ‘पार्थसारथी’ और अभिमन्यु कुमार आजाद का तकनीक आधारित घरेलू सेवा मंच ‘अभिकेयर ऐप’ शामिल है.
‘अभिकेयर ऐप’ ग्राहकों को विभिन्न घरेलू सेवाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है. इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कुशल सेवा प्रदाताओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
युवा उद्यमियों को नवाचार पर जोर
डीसीई स्टार्टअप सेल के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश ने भी कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ संवाद किया और स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. कार्यक्रम में युवा उद्यमियों को अपने विचारों को उत्पाद में बदलने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक रणनीतियों की जानकारी दी गयी.
प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने युवा नवाचारकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मक सोच, नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है. उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
