जाले थाना क्षेत्र के दोघड़ा गांव में 21 वर्षीय युवक अशरफ अली उर्फ इरशाद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. मृतक की मां ने जहर पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें तीन लोगों को नामजद किया गया है.
Jale Crime News: जाले थाना क्षेत्र के दोघड़ा गांव में 21 वर्षीय युवक अशरफ अली उर्फ इरशाद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मृतक की मां रौशनी खातून ने जहर पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जाले थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिकी में दोघड़ा निवासी मो. कासिम, आयशा खातून और अब्दुल्लाह को नामजद किया गया है.
प्रेम प्रसंग को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
प्राथमिकी के अनुसार, अशरफ का आयशा खातून से प्रेम प्रसंग था. करीब एक वर्ष पूर्व दोनों को आयशा के भाई मो. कासिम ने घर के पश्चिम स्थित बांसवारी में देख लिया था. आरोप है कि उस दौरान कासिम ने अशरफ के साथ मारपीट की थी.
मृतक के परिजनों का कहना है कि अगले दिन आयशा की मां जहांआरा खातून ने घर पहुंचकर निकाह का लिखित आश्वासन लिया था. इसके बाद से ही कासिम द्वारा अशरफ को लगातार धमकी देने का आरोप लगाया गया है.
अस्पताल पहुंचाने के बाद फरार होने का आरोप
शिकायत के मुताबिक छह अगस्त की रात करीब नौ बजे मो. कासिम मोटरसाइकिल से अशरफ को लेकर सीएचसी जाले पहुंचा. उसके साथ अब्दुल्लाह भी था. कासिम ने परिजनों को बताया कि अशरफ ने जहर पी लिया है. अस्पताल में भर्ती कराने के बाद दोनों वहां से फरार हो गये.
डॉ. नीतीश भारद्वाज ने अशरफ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दरभंगा रेफर कर दिया. हालांकि, अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी.
परिजनों के अनुसार, सात अगस्त की सुबह मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल देखने पर रात 8.21 बजे की अंतिम कॉल का पता चला. उस नंबर पर फोन करने पर मो. कासिम ने फोन उठाया. परिजनों ने आरोप लगाया है कि आयशा ने अशरफ को ढ़रही गाछी बुलाया था, जहां कथित रूप से उसे जहर पिलाया गया और बाद में अस्पताल पहुंचाने का नाटक किया गया.
पुलिस ने तीनों नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. मौत की वास्तविक वजह और घटना की परिस्थितियों का खुलासा जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होने की उम्मीद है.
