बिहार सरकार हर साल 2 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगारपरक ट्रेनिंग देने की तैयारी में है। डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
बिहार सरकार ने 2.57 लाख युवाओं को कौशल एवं रोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल युवा कार्यक्रम अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 6,436 प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के जरिए हर साल करीब 2.57 लाख युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल बनाकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के तहत सोलर, ड्रोन तकनीक, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल लैब टेक्नीशियन, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, ब्यूटी एवं वेलनेस, वेब इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा सकेगा।
इसके अलावा, एलएन मिश्र संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, पटना स्थित ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाकर 3,000 की जाएगी। वर्तमान में संस्थान में करीब 1,600 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, ऐसे में लगभग 1,400 अतिरिक्त सीटें बढ़ने से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने संस्थान में आयोजित इंडक्शन एंड ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया कि ‘गंगा टू ग्लोबल’ की अवधारणा के तहत विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने की योजना है। प्रत्येक सत्र में करीब 100 विद्यार्थियों को एक महीने के लिए विदेश भेजने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे विदेशी संस्थानों और शिक्षा व्यवस्था को करीब से समझ सकें।
पटना में बनने वाले नए पाटलिपुत्र टाउनशिप में एलएन मिश्र संस्थान के लिए करीब 10 एकड़ भूमि पर सैटेलाइट कैंपस विकसित करने की भी योजना है। इससे संस्थान के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा।
