दरभंगा के बड़गांव थानाध्यक्ष विनिता कुमारी को दो मामलों की जांच में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बिहार पुलिस एक्शन: दो मामलों के अनुसंधान में घोर लापरवाही बरतना बड़गांव थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक विनिता कुमारी को भारी पड़ गया. वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने उन्हें निलंबित कर दिया है. कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है.
दो कांडों की जांच में मिली लापरवाही
एसएसपी के अनुसार, बड़गांव थाना कांड संख्या 95/26 और 96/26 के अनुसंधान में थानाध्यक्ष की ओर से कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरती गयी. इन दोनों मामलों की जांच में बरती गयी लापरवाही को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल ने वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन सौंपा था.
प्रतिवेदन में अनुसंधान के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई नहीं किये जाने का उल्लेख किया गया था. मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी.
अनुशंसा के बाद एसएसपी ने की कार्रवाई
एसडीपीओ के प्रतिवेदन और अनुशंसा के आधार पर एसएसपी ने पुलिस अवर निरीक्षक सह बड़गांव थानाध्यक्ष विनिता कुमारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा रहेगा. इस दौरान उन्हें सामान्य जीवनयापन भत्ता दिया जायेगा.
अनुसंधान में लापरवाही पर विभाग सख्त
पुलिस विभाग की ओर से मामलों के अनुसंधान को लेकर लगातार गंभीरता बरतने का निर्देश दिया जाता रहा है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कांड की जांच में लापरवाही से पीड़ित को न्याय मिलने में देरी हो सकती है. ऐसे में लंबित मामलों के अनुसंधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है.
समय पर कार्रवाई का निर्देश
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लंबित कांडों के अनुसंधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हो. मामलों में साक्ष्य जुटाने से लेकर आगे की कार्रवाई तक सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी करने पर जोर दिया गया है. बड़गांव थानाध्यक्ष पर हुई कार्रवाई को इसी सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है.
