पटना। बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 अगस्त 2026 को राज्य सरकार ने विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ करीब ₹51,600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों के लिए MoU किए। ये समझौते कई क्षेत्रों से जुड़े हैं, जिनमें स्टील, मेटल, क्लीन एनर्जी, टेक्सटाइल और अन्य उद्योग शामिल हैं।
इन MoU को बिहार में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के विस्तार की दिशा में एक प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, MoU पर हस्ताक्षर होना किसी परियोजना के तत्काल शुरू होने के बराबर नहीं है। वास्तविक निवेश के लिए जमीन, मंजूरी, वित्तीय व्यवस्था और परियोजना के क्रियान्वयन जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
स्टील सेक्टर में बड़े निवेश प्रस्ताव
6 अगस्त को घोषित प्रस्तावों में स्टील और मेटल सेक्टर की कई परियोजनाएं शामिल थीं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, Nakshit Iron & Steel ने करीब ₹6,836 करोड़, Ankoor Steel ने ₹6,000 करोड़ और Sri Langta Baba Metals & Power ने ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए। Shyam Steel Manufacturing और Shakambhari Ispat & Power ने भी करीब ₹5,000-₹5,000 करोड़ के प्रस्ताव रखे।
इन प्रस्तावों के साथ अलग-अलग कंपनियों ने संभावित रोजगार सृजन के अनुमान भी बताए हैं। कुल मिलाकर 10 औद्योगिक समूहों के MoU से 27,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना बताई गई है।
क्लीन एनर्जी और दूसरे सेक्टर भी शामिल
निवेश प्रस्ताव केवल स्टील तक सीमित नहीं हैं। GRACE ने क्लीन एनर्जी क्षेत्र में करीब ₹22,500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। टेक्सटाइल सेक्टर में Creative Group और Anubhav Apparels की ओर से भी निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।
बिहार सरकार ने स्टील और मेटल के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और टेक्सटाइल जैसे रोजगार से जुड़े क्षेत्रों पर भी जोर देने की बात कही है।
अब असली चुनौती परियोजनाओं को जमीन पर उतारना
MoU के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण परियोजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन है। सरकार की ओर से निवेशकों को मंजूरी, औद्योगिक सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निवेश प्रस्तावों की प्रक्रिया को तेज करने को कहा है।
बिहार उद्योग विभाग की वेबसाइट के अनुसार, राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए Single Window Clearance System और विभिन्न औद्योगिक नीतियां उपलब्ध हैं।कों को आवश्यक सुविधाएं, त्वरित मंजूरी और बेहतर औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने “Build and Believe in Bihar” को राज्य के औद्योगिक विकास का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि बिहार को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही Bihar Business Connect 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, ताकि देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके।
