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मिथिलानी न्यूज डेस्क | कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)

आर्थिक तंगी आ पारिवारिक कठिनाइयो दरभंगाक जुगनू चौधरीक हौसला नहि तोड़ि सकल। संघर्ष केँ अपन ताकत बना ओ बिहार पुलिसमे मेजर सार्जेंटक पद हासिल कयलनि। आब हुनकर अगिला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा उत्तीर्ण कय आइ ए एस अथवा आइपीएस अधिकारी बनबाक अछि। हुनकर ई सफलता कतेको बेटीक लेल प्रेरणाक स्रोत बनल अछि।

गरीबी आ संघर्षक बीच जारी रखलनि पढ़ाइ

जुगनूक परिवारक आर्थिक स्थिति एहन छल जे दू बेरक भोजन जुटेनाइयो कठिन छल। पिता गणेश चौधरी मानसिक बीमारी सँ पीड़ित रहथि। एहि कारण परिवारक पूरा जिम्मेदारी हुनकर मायक कन्हा पर आबि गेल।

परिवारक भरण-पोषण लेल माए सिलाइ मशीन केँ अपन आजीविकाक सहारा बनौलनि। आर्थिक तंगीक बीच बेटीक सपना पूरा करब आसान नहि छल, मुदा माए परिस्थिति आगाँ हार नहि मानलनि। जुगनू सेहो अभावकेँ अपन कमजोरी नहि, बल्कि संघर्षक ताकत बनौलनि।

अंततः दरभंगा जिलाक कुशेश्वर स्थान प्रखंडक हिरणी गामक जुगनू बिहार पुलिस मे मेजर सार्जेंट बनबाक उपलब्धि हासिल कयलनि। हुनकर सफलतासँ परिवारक संग-संग पूरा गाम गौरवान्वित अछि।

ननिहालमे शुरू भेल पढ़ाइक सफर

जुगनूक सफलताक पाछाँ वर्षो धरि कयल गेल मेहनत, परिवारक त्याग आ मजबूत इच्छाशक्ति क कहानी अछि। हुनकर प्रारंभिक शिक्षा समस्तीपुर जिलाक सिंघिया गाम स्थित ननिहालमे नाना-नानीक संरक्षणमे शुरू भेल।

सीमित साधन आ ग्रामीण परिवेशक बीच पढ़ाइ जारी रखैत ओ सिंघिया कॉलेजसँ स्नातकक डिग्री हासिल कयलनि। आर्थिक कठिनाइ हर कदम पर हुनकर बाट रोकबाक प्रयास कयलक, मुदा आगाँ बढ़बाक संकल्प हुनका निरंतर प्रेरित करैत रहल।

नाना-नानी आ माम देलनि सपनाक सहारा

आगाँ बढ़बाक इच्छा ल’ जुगनू नाना-नानी आ मामक सहयोगसँ प्रतियोगी परीक्षाक तैयारी करबाक लेल पटना गेलीह। ओ सामान्य प्रतियोगी परीक्षाक संग स्टेशन मास्टर आ एसएससीक परीक्षामे सेहो अपन भाग्य आजमौलनि। एहि परीक्षासभमे हुनका सफलता सेहो भेटल।

मुदा हुनकर मनमे पुलिस सेवामे जेबाक प्रबल इच्छा छल। एहि लक्ष्यकेँ पूरा करबाक लेल ओ फिजिकल ट्रेनिंग सेंटरमे नाम लिखौलनि आ लिखित परीक्षा संग शारीरिक दक्षताक तैयारीमे जुटि गेलीह।

वर्ष 2022 केर दारोगा भर्ती परीक्षाक बाद भेटल सफलता

जुगनू वर्ष 2022 केर दारोगा भर्ती परीक्षामे शामिल भेलीह। लगातार अभ्यास, अनुशासन आ मेहनतक परिणामस्वरूप हुनकर चयन बिहार पुलिसमे मेजर सार्जेंटक पद पर भेल।

मायक त्याग, ननिहालक सहयोग आ जुगनूक अपन मेहनत मिलि क’ सफलताक ई प्रेरक कथा लिखलक। हुनकर उपलब्धि ई संदेश दैत अछि जे कठिन परिस्थिति रहितो दृढ़ इच्छाशक्ति आ निरंतर प्रयाससँ लक्ष्य हासिल कयल जा सकैत अछि।

आइएएस-आइपीएस बनबाक सपना

जुगनू अपन एहि उपलब्धिकेँ अंतिम मंजिल नहि, बल्कि आगूक यात्राक एकटा पड़ाव मानैत छथि। हुनकर सपना संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा उत्तीर्ण कय आइएएस अथवा आइपीएस अधिकारी बनबाक अछि।

जुगनूक संघर्ष आ सफलता ग्रामीण क्षेत्रक ओहि बेटीसब लेल प्रेरणा अछि, जे सीमित साधनक बावजूद पैघ सपना देखैत छथि आ ओकरा पूरा करबाक लेल मेहनत करैत छथि।

मिथिलाक बेटीसबक एहन प्रेरणादायक सफलता आ स्थानीय खबर पढ़बाक लेल जुड़ल रहू मिथिलानीक संग।

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