Mithilani

दरभंगा के छह मौजों को मिथिला टाउनशिप के दायरे से बाहर किया गया. नगर विकास विभाग के निर्देश के बाद अब इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री आसान होगी.

दरभंगा मिथिला सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर बना असमंजस अब काफी हद तक दूर हो गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार ने जिला निबंधन पदाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि निगम क्षेत्र के छह मौजों की शहरी भूमि मिथिला टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में शामिल नहीं है. इनमें बलभद्रपुर भी शामिल है. ऐसे में इन क्षेत्रों की भूमि का नियमानुसार क्रय-विक्रय और हस्तांतरण किया जा सकता है.

छह मौजों की जमीन टाउनशिप के विशेष क्षेत्र से बाहर

नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी प्रभात भूषण की ओर से जिला निबंधन पदाधिकारी को भेजे गये पत्र में छह मौजों की स्थिति स्पष्ट की गयी है. इनमें वासुदेवपुर थाना नंबर 449, बेलादुल्लाह थाना नंबर 513, गंगवाड़ा थाना नंबर 510, गोविंदपुर थाना नंबर 490, बलभद्रपुर थाना नंबर 534 और बेलाशंकर थाना नंबर 514 शामिल हैं.

विभाग ने कहा है कि इन छह मौजों की शहरी क्षेत्र की भूमि मिथिला सैटेलाइट टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में शामिल नहीं है. इसलिए यहां नियमानुसार जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण किया जा सकता है.

बलभद्रपुर समेत इन इलाकों में रजिस्ट्री का रास्ता साफ

विभागीय स्पष्टीकरण के बाद बलभद्रपुर समेत छह मौजों में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर बनी स्थिति काफी हद तक साफ हो गयी है. अब निबंधन कार्यालय के लिए यह तय करना आसान होगा कि संबंधित जमीन टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में आती है या सामान्य नियमों के तहत उसकी रजिस्ट्री की जा सकती है.

बाजितपुर में थाना नंबर से बदलेगा जमीन का नियम

विभाग ने मौजा बाजितपुर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है. यहां दो अलग-अलग थाना नंबर होने के कारण जमीन की स्थिति अलग है.

बाजितपुर थाना नंबर 285 की भूमि मिथिला टाउनशिप में शामिल नहीं है. इसलिए यहां की जमीन का नियमानुसार क्रय-विक्रय और हस्तांतरण किया जा सकता है.

वहीं, बाजितपुर थाना नंबर 532 की भूमि मिथिला टाउनशिप में शामिल है. ऐसे में इस क्षेत्र की जमीन पर टाउनशिप से जुड़े नियम लागू होंगे.

रजिस्ट्री से पहले खेसरा-खाता की जांच जरूरी

जिला निबंधन कार्यालय ने मिथिला टाउनशिप के विशेष क्षेत्र और उससे बाहर आने वाली जमीन को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग से मार्गदर्शन मांगा था. विभाग के इस स्पष्टीकरण से रजिस्ट्री कार्यालय को जमीन की स्थिति तय करने में मदद मिलेगी.

हालांकि, किसी खास भूखंड की रजिस्ट्री से पहले संबंधित खेसरा, खाता, जमाबंदी, भूमि की प्रकृति और अन्य लागू प्रतिबंधों की जांच जरूरी होगी. केवल किसी मौजा के टाउनशिप क्षेत्र से बाहर होने का मतलब यह नहीं है कि हर प्रकार की जमीन की रजिस्ट्री अपने आप मान्य हो जाएगी.

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