मिथिलानी न्यूज डेस्क। शारदीय नवरात्रिक आठम दिन महाष्टमी पर मां दुर्गाक आठम स्वरूप मां महागौरीक पूजा-अर्चना कयल जाइत अछि। मां महागौरीकेँ पवित्रता, शान्ति, करुणा आ सौम्यताक प्रतीक मानल जाइत अछि। धार्मिक मान्यताक अनुसार, मां महागौरीक वाहन वृषभ अर्थात् बैल अछि। एहि कारण हुनका वृषारूढ़ा सेहो कहल जाइत अछि।
मां महागौरीक श्वेत वर्ण आ वृषभ पर विराजमान स्वरूपक विशेष धार्मिक महत्व अछि। नवरात्रिक एहि पावन अवसर पर श्रद्धालु माता रानीक पूजा क’ अपन जीवनमे सुख, शान्ति आ समृद्धिक कामना करैत छथि।
मां महागौरीक वाहन की अछि?
धार्मिक मान्यताक अनुसार, मां महागौरी वृषभ पर विराजमान रहैत छथि। वृषभकेँ सामान्य भाषामे बैल कहल जाइत अछि। नवदुर्गाक प्रचलित ध्यान-मंत्रमे मां महागौरीक वर्णन श्वेत वस्त्र धारण करयवाली, श्वेत आभूषणसँ सुशोभित आ वृषभ पर विराजमान देवीक रूपमे कयल गेल अछि।
माता महागौरीक स्वरूप अत्यन्त शान्त, सौम्य आ तेजस्वी मानल जाइत अछि। एहि स्वरूपमे श्वेत रंग आ वृषभ दुनूक विशेष महत्व अछि। सफेद रंग पवित्रता आ शान्तिक प्रतीक मानल जाइत अछि, जखन कि वृषभ धैर्य, परिश्रम आ स्थिरताक प्रतीक मानल जाइत अछि।
धार्मिक मान्यताक अनुसार, मां महागौरीक ई स्वरूप भक्तसभकेँ विपरीत परिस्थितिमे सेहो धैर्य आ संयम बनौने रखबाक प्रेरणा दैत अछि।
वृषभक धार्मिक महत्व की अछि?
भारतीय धार्मिक परंपरामे वृषभक विशेष स्थान अछि। भगवान शिवक वाहन नंदी छथि, जिनका वृषभक रूपमे देखाओल जाइत अछि। धार्मिक मान्यताक अनुसार, नंदी भगवान शिवक परम भक्त आ कैलाशक द्वारपाल छथि। शिव आ नंदीसँ जुड़ल कथा शिव पुराण सहित विभिन्न शैव परंपरामे वर्णित अछि।
मां महागौरीक वृषभ पर विराजमान होयब हुनकर स्वरूपक एक प्रमुख विशेषता अछि। धार्मिक प्रतीकक रूपमे वृषभकेँ धैर्य, शक्ति आ कर्मशीलतासँ जोड़ल जाइत अछि। ई स्वरूप भक्तसभकेँ कठिन परिस्थितिमे साहस बनौने रखबाक, धैर्यपूर्वक काज करबाक आ अपन कर्तव्यक पालन करबाक प्रेरणा दैत अछि।
पुराणमे मां महागौरीक स्वरूपक वर्णन
मार्कण्डेय पुराणक अंतर्गत आबयवला देवी माहात्म्य देवी दुर्गाक महिमा आ शक्तिक वर्णन करयवला प्रमुख धार्मिक ग्रंथ अछि। एहि ग्रंथमे देवीक विभिन्न स्वरूप आ असुरसभक विरुद्ध हुनकर युद्धक वर्णन भेटैत अछि।
मां महागौरीक वृषभ वाहनसँ जुड़ल प्रचलित वर्णनकेँ सीधे एहि ग्रंथक कथन मानबाक लेल प्रमाण आवश्यक अछि। नवदुर्गाक नौ स्वरूपक वर्णन नवरात्रिक प्रचलित पूजा-परंपरामे भेटैत अछि।
महाष्टमी पर कोना करू मां महागौरीक पूजा?
महाष्टमीक अवसर पर श्रद्धालु मां महागौरीक विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना करैत छथि। धार्मिक परंपराक अनुसार, माता रानीकेँ सफेद फूल अर्पित कयल जाइत अछि। भक्त श्रद्धा आ भक्तिभावसँ माता रानीक आराधना करैत छथि।
धार्मिक मान्यता अछि जे सच्चा मनसँ मां महागौरीक पूजा-अर्चना कयलासँ मनकेँ शान्ति आ सकारात्मकताक अनुभूति होइत अछि।
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