Mithilani

Parrot Origin From Pomegranate : बिहटा प्रखंड क्षेत्र में एक ऐसी घटना की चर्चा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. स्थानीय लोगों का दावा है कि एक अनार से तोते का जन्म हुआ है, जिसे ‘द्वारपाल’ नाम दिया गया है. इस अनोखी घटना को देखने के लिए लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं.

Parrot Origin From Pomegranate : बिहटा प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों एक कथित अद्भुत घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि एक अनार से तोते की उत्पत्ति हुई है. अमावस्या के दिन सामने आए इस तोते को लोगों ने ‘द्वारपाल’ नाम दिया है. घटना की जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंचने के बाद उसे देखने के लिए लोगों के आने का सिलसिला जारी है.

तोते की तस्वीर
तोते की तस्वीर

‘द्वारपाल’ को सामान्य तोते से अलग बता रहे लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘द्वारपाल’ दिखने में सामान्य तोते से अलग है. बताया जा रहा है कि वह फल और चना खाता है. कथित घटना को लेकर कुछ लोगों में कौतूहल है, जबकि कुछ इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं. इसी वजह से अनार से तोते की उत्पत्ति की यह कहानी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

लोगों ने रखा ‘द्वारपाल’ नाम
लोगों ने रखा ‘द्वारपाल’ नाम

अमावस्या के दिन प्रकट होने की भी चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यह तोता अमावस्या के दिन सामने आया. इसके बाद लोगों ने इसे ‘द्वारपाल’ नाम दिया. हालांकि, इस घटना से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही हैं.

इसी आनार से उत्पत्ति का दावा
इसी आनार से उत्पत्ति का दावा

अनार से तोते की उत्पत्ति की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं

अनार से तोते की उत्पत्ति के दावे की अब तक कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है. वैज्ञानिक दृष्टि से तोते अंडे से जन्म लेते हैं. ऐसे में इस दावे की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की जांच और वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी होंगे. फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से देखने वाले लोग इसे अद्भुत घटना मान रहे हैं, जबकि इसकी वास्तविकता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.

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भगवती की आराधना करने की अपील

इस संबंध में आचार्य ने लोगों से मां भगवती की आराधना करने तथा अपने-अपने कुलदेवता और कुलदेवी को प्रसन्न रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक आस्था से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होने की मान्यता है.

नीम के पेड़ में पीला कपड़ा बांधने की मान्यता

बताया गया कि मनोकामना रखने के बाद पीले कपड़े को कुछ देर नीम के पेड़ में बांधा जाए और फिर उसे खोलकर घर लाया जाए. आचार्य के अनुसार, इस प्रक्रिया से मनोकामना पूर्ण होने की आस्था है. नारियल को परिवार के सदस्यों के बीच प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की भी अपील की गई.

आस्था और कौतूहल के बीच चर्चा में ‘द्वारपाल’

बिहटा में कथित तौर पर अनार से तोते की उत्पत्ति की चर्चा ने लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है. एक ओर लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक पुष्टि नहीं होने के कारण इसकी वास्तविकता को लेकर सवाल भी बने हुए हैं.

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