Milki Railway Overbridge : दरभंगा के मिल्की गांव के पास रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे दरभंगा, सीतामढ़ी और मधुबनी के बीच यात्रा आसान होगी। यह 820 मीटर लंबा दो लेन का आरओबी जाम से राहत देगा।
जाले (दरभंगा) । रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन के गुजरने का इंतजार अब मिल्की और आसपास के लोगों के सफर में बड़ी बाधा नहीं बनेगा। मुरैठा स्टेशन के निकट मिल्की गांव के पास रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इससे दरभंगा के साथ सीतामढ़ी और मधुबनी की ओर आने-जाने वाले लोगों को जाम और अनावश्यक ठहराव से राहत मिलेगी। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने प्रशासनिक स्वीकृति के बाद निविदा जारी कर दी है।
820 मीटर लंबा होगा आरओबी
प्रस्तावित आरओबी की लंबाई करीब 0.820 किलोमीटर होगी। यह दो लेन का होगा। इसमें पक्के शोल्डर के साथ दोनों ओर सर्विस रोड का भी प्रावधान किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर, सेफ्टी कर्ब और स्टील रेलिंग लगाई जाएगी।
जाम से मिलेगी राहत
मिल्की रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान वाहनों को रुकना पड़ता है। इससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। आरओबी बनने के बाद वाहनों को रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे लोगों का समय बचेगा और आवागमन अधिक सुगम होगा।
शोभन-मकिया सड़क से जुड़ेगा
आरओबी शोभन चौक से मकिया तक निर्माणाधीन करीब 216 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके निर्माण से इस सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। आरओबी का एप्रोच मिल्की गांव के निकट से शुरू और समाप्त होगा।
सड़क सुरक्षा का भी इंतजाम
आरओबी पर आरसीसी यू-ट्रफ, ड्रेनेज और च्यूट ड्रेन की व्यवस्था होगी। इससे बारिश के दौरान पानी निकासी में सुविधा होगी। यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए जरूरी प्रबंध किए जाएंगे।
विधायक ने बताया ड्रीम प्रोजेक्ट
पूर्व मंत्री एवं जाले विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि शोभन-मकिया सड़क और मिल्की के पास आरओबी उनका ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने परियोजना की स्वीकृति और क्रियान्वयन में पहल के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र के प्रति आभार जताया।
