Mithilani

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र में चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक मशीनों से मखाना प्रसंस्करण की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई. वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रशिक्षित ऑपरेटरों से गुणवत्ता, दक्षता और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

दरभंगा मखाना व्यापार: मखाना प्रसंस्करण के क्षेत्र में कुशल ऑपरेटर तैयार करने की दिशा में राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र ने अहम पहल की है. केंद्र में मखाना प्रसंस्करण मशीनों के वैज्ञानिक और कुशल संचालन को लेकर आयोजित चार दिवसीय ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया. इसमें बिहार के दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया और खगड़िया के साथ दिल्ली और आंध्र प्रदेश से भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण के दौरान मखाना बीज सुखाने से लेकर पॉपिंग और पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया.

इस साल 20 ट्रेनिंग प्रोग्राम

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक वैज्ञानिक इ. आरके राउत ने बताया कि इस वर्ष कुल 20 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है. चार दिवसीय यह ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी शृंखला का तीसरा प्रशिक्षण था.

मखाना उद्योग के विस्तार के साथ अब आधुनिक प्रसंस्करण मशीनों को चलाने वाले प्रशिक्षित लोगों की जरूरत भी बढ़ रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को मशीनों के वैज्ञानिक संचालन और प्रसंस्करण की अलग-अलग तकनीकों की जानकारी दी गई.

पॉपिंग और पैकेजिंग तक मिला प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मखाना बीज सुखाने, ग्रेडिंग, प्राथमिक भुनाई और द्वितीयक भुनाई की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. इसके साथ ही पॉपिंग और तैयार मखाने की पैकेजिंग के वैज्ञानिक तरीके भी सिखाए गए.

केंद्र प्रभारी डॉ आइएस सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित ऑपरेटरों की उपलब्धता से मखाना प्रसंस्करण की गुणवत्ता और दक्षता दोनों बढ़ेगी. इसका फायदा मखाना उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता के रूप में मिलेगा. साथ ही बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी मखाना प्रसंस्करण के विस्तार को गति मिल सकेगी.

नए क्षेत्रों में मखाना विस्तार के लिए ये जरूरी

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार ने कहा कि नए क्षेत्रों में मखाना की खेती और प्रसंस्करण का विस्तार करने के लिए सतही जल, कुशल श्रमिक, प्रसंस्करण व्यवस्था और प्रशिक्षित ऑपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है.

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण से मशीनों के संचालन को लेकर लोगों के बीच मौजूद भ्रांतियां दूर होंगी. आधुनिक मशीनों के सही इस्तेमाल की जानकारी मिलने से उत्पादन और प्रसंस्करण की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है. यह प्रशिक्षण युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने में भी मददगार साबित होगा.

बिहार के अलावा इन राज्यों से आए प्रतिभागी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया और खगड़िया के अलावा दिल्ली और आंध्र प्रदेश से प्रतिभागियों ने भाग लिया. इससे यह साफ है कि बिहार की पारंपरिक मखाना प्रोसेसिंग तकनीक और आधुनिक मशीनों के संचालन को लेकर दूसरे राज्यों में भी रुचि बढ़ रही है.

कार्यक्रम में डॉ अनुपम साहू और डॉ अखिलेश्वर विश्वकर्मा ने भी योगदान दिया. कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शिवानी झा ने किया. चार दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए.

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