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मिथिला की ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर लाने के उद्देश्य से सांसद गोपालजी ठाकुर ने उच्च शिक्षा सचिव से मुलाकात की. उन्होंने दरभंगा के दोनों विश्वविद्यालयों को केंद्रीय दर्जा दिलाने और रोजगारपरक शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया.

दरभंगा सहित मिथिला की ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने और शैक्षणिक अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को सांसद गोपालजी ठाकुर ने पटना में बिहार सरकार के उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन से मुलाकात की. इस दौरान जिले के डिग्री कॉलेजों के समुचित संचालन, बेहतर आधारभूत संरचना और योग्य शिक्षकों से वर्ग संचालन समेत उच्च शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

दोनों विश्वविद्यालयों को केंद्रीय दर्जा देने का आग्रह

सांसद ने उच्च शिक्षा सचिव के साथ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, संस्कृत विश्वविद्यालय तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों पर चर्चा की. उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दिलाने के लिए बिहार सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया.

दूरस्थ शिक्षा केंद्र फिर शुरू कराने की मांग

सांसद ने एलएनएमयू के बंद पड़े दूरस्थ शिक्षा केंद्र को पुनः चालू करने की मांग भी रखी. इसके अलावा बिरौल और बेनीपुर डिग्री कॉलेज में बीएड की पढ़ाई शुरू कराने का आग्रह किया.

दरभंगा संसदीय क्षेत्र के विभिन्न कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई शुरू कराने सहित उच्च शिक्षा से जुड़े आधा दर्जन विषयों के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई.

रोजगारपरक शिक्षा के विस्तार पर जोर

सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा के विस्तार से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने दरभंगा की शैक्षणिक और बौद्धिक विरासत को मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा से जुड़े इन विषयों का समाधान आवश्यक बताया.

मंत्री के समक्ष भी रखी मांग

बाद में सांसद ने बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर से भी मुलाकात की. उन्होंने मंत्री के समक्ष भी इन मुद्दों को रखते हुए शीघ्र पहल करने का आग्रह किया.

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