भोजपुरी सिनेमा के शुरुआती दौर के चर्चित अभिनेता सुजीत कुमार ने हिंदी और भोजपुरी दोनों फिल्म इंडस्ट्री में काम किया। हिंदी फिल्मों में वह सहायक और चरित्र भूमिकाओं के लिए पहचाने गए, जबकि भोजपुरी सिनेमा में उन्हें मुख्य अभिनेता के तौर पर बड़ी लोकप्रियता मिली। उन्हें कई स्रोत भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार बताते हैं।
राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना’ में आए नजर
सुजीत कुमार और राजेश खन्ना ने 1969 की फिल्म ‘आराधना’ में साथ काम किया था। फिल्म के लोकप्रिय गीत ‘मेरे सपनों की रानी’ के दृश्य में सुजीत कुमार राजेश खन्ना के साथ जीप में नजर आए थे। यह भूमिका उनकी सबसे यादगार हिंदी फिल्म appearances में गिनी जाती है।
इसके बाद भी दोनों कलाकारों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सुजीत कुमार ने राजेश खन्ना के साथ करीब 12 फिल्मों में काम किया, जिनमें हाथी मेरे साथी और अमर प्रेम जैसी फिल्में शामिल हैं।
भोजपुरी सिनेमा में मिली बड़ी पहचान
हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक सहायक और चरित्र भूमिकाएं करने के बाद सुजीत कुमार ने भोजपुरी सिनेमा की ओर रुख किया। यहां उन्हें मुख्य भूमिकाओं में काम करने का अवसर मिला और उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। इसी दौर में उन्हें भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाने लगा।
उनकी भोजपुरी फिल्मों में ‘बिदेसिया’, ‘दंगल’, ‘पान खाए सैंया हमार’ सहित कई चर्चित फिल्में शामिल हैं। 1977 की दंगल को उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।
‘दंगल’ और भोजपुरी सिनेमा में योगदान
सुजीत कुमार की दंगल 1977 में रिलीज हुई थी। फिल्म में उनके साथ रति कुमार भी जुड़ी थीं और इसके गीत ‘काशी हिले पटना हिले’ को लोकप्रियता मिली। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में दंगल को भोजपुरी सिनेमा की शुरुआती रंगीन फिल्मों में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
हिंदी सिनेमा में भी किया लंबा काम
सुजीत कुमार ने अपने करियर में हिंदी फिल्मों में भी लंबे समय तक काम किया। आराधना, कटी पतंग, हाथी मेरे साथी, अमर प्रेम, जुगनू, रोटी और धर्मवीर जैसी फिल्मों में उनके काम का उल्लेख मिलता है।
अभिनय के अलावा उन्होंने फिल्म निर्माण में भी काम किया। 1984 की ‘पान खाए सैंया हमार’ के निर्माण से भी उनका नाम जुड़ा है।
5 फरवरी 2010 को हुआ निधन
सुजीत कुमार का जन्म 7 फरवरी 1934 को हुआ था और उनका निधन 5 फरवरी 2010 को हुआ। वह 76 वर्ष के होने से दो दिन पहले दुनिया से विदा हुए।
भोजपुरी सिनेमा में उनके योगदान के कारण उनका नाम इस फिल्म उद्योग के शुरुआती बड़े सितारों में लिया जाता है।


