मुख्य बिंदु :
- जहानाबादक कायनात विद्यालयमे SP कोटा किरण कुमारक स्वागत ताजा फूलगोभीसँ कयल गेल।
- पर्यावरण संरक्षण, सादगी आ उपयोगिताक संदेश देबाक लेल विद्यालय प्रबंधनक अनूठी पहल।
- तनाव जागरूकता कार्यक्रममे बच्चासभ संग SP क संवाद, सवाल-जवाब आ कार्टून बनयबाक गतिविधि।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। बिहारक जहानाबादमे एकटा विद्यालयक अनूठा स्वागत समारोह चर्चाक विषय बनल अछि। एतय पुलिस अधीक्षक (SP) कोटा किरण कुमारक स्वागत फूलक गुलदस्ताक बदला ताजा फूलगोभी दे कय कयल गेल। एहि अलग अंदाजकेँ देखि SP सेहो एक पल लेल आश्चर्यचकित रहि गेलाह। हुनकर मुँहसँ अचानक निकललनि—‘अरे! ई की?’
आमतौर पर कोनो अधिकारी विद्यालय वा संस्थानमे अबैत छथि तँ हुनका फूलक गुलदस्ता, शॉल वा स्मृति चिह्न भेंट कय सम्मानित कयल जाइत अछि। मुदा जहानाबादक एहि विद्यालय एहि परंपरामे एकटा नव प्रयोग कयलक। एहि स्वागतक पाछाँ पर्यावरण संरक्षण आ सादगीक सकारात्मक संदेश देबाक सोच छल।
बुके नहि, फूलगोभी देखि SP सेहो रहि गेलाह हैरान
ई मामला जहानाबाद जिलाक काको प्रखंड स्थित कायनात विद्यालयक अछि। विद्यालयमे स्ट्रेस अवेयरनेस अर्थात तनाव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कयल गेल छल। एहि कार्यक्रममे जहानाबादक पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार मुख्य अतिथिक रूपमे शामिल भेल छलाह।
विद्यालयक निदेशक शकील काकवी हुनकर स्वागत लेल पारंपरिक तरीका छोड़ि एकटा अलग पहल कयलनि। सम्मानक रूपमे हुनका ताजा फूलगोभी देल गेलनि। अचानक एहि तरहक स्वागत देखि SP चकित भऽ गेलाह। मुदा एहि पहल पाछाँ कोनो मजाक नहि, बल्कि पर्यावरण संरक्षण आ सादगीक संदेश छल।
फूलगोभीक माध्यमसँ विद्यालय देलक उपयोगिताक संदेश
विद्यालय प्रबंधनक मानब अछि जे स्वागतक नाम पर देल जाएवला फूलक गुलदस्ता किछुए समय बाद बेकार भऽ जाइत अछि। एकर बदला एहन वस्तु भेंट करबाक चाही, जकर उपयोग दैनिक जीवनमे कयल जा सकय।
एहि सोचक संग SP केँ ताजा फूलगोभी देल गेलनि। विद्यालयक निदेशक शकील काकवी बतौलनि जे हुनकर प्रयास पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ जीवनशैली आ प्रकृतिक प्रति सम्मानक भावना बढ़ेबाक अछि।
हुनकर कहब छलनि जे कोनो आयोजनक उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरा करब नहि, बल्कि समाजकेँ कोनो नीक आ सकारात्मक संदेश देब सेहो होयबाक चाही।
बच्चासभक सवालक देलनि जवाब, SP बनौलनि कार्टून
कार्यक्रम केवल अनूठा स्वागत धरि सीमित नहि रहल। एहि अवसर पर बच्चासभ संग SP क इंटरैक्टिव सेशन सेहो आयोजित कयल गेल। तनावसँ जुड़ल विषय पर विद्यार्थीसभ अपन सवाल पूछलनि आ SP हुनका सभसँ बातचीत कयलनि।
एहि दौरान विद्यार्थीसभ अपन प्रतिभा आ रचनात्मकताक प्रदर्शन कयलनि। कार्यक्रममे अलग-अलग गतिविधि सेहो आयोजित कयल गेल। खास बात ई रहल जे SP कोटा किरण कुमार बच्चासभ संग बातचीत करबाक संग कार्टून सेहो बनौलनि। बच्चासभक गतिविधि आ हुनकर प्रतिभा देखि SP काफी प्रभावित देखेलाह।
‘बच्चासभक प्रतिभा देखि बहुत नीक लागल’
SP कोटा किरण कुमार कार्यक्रमक सराहना करैत कहलनि जे ई आयोजन तनाव जागरूकतापर आधारित छल। एतय बच्चासभक प्रतिभा देखि हुनका बहुत नीक लागल। अलग-अलग गतिविधिमे बच्चासभक भागीदारी शानदार रहल।
फूलगोभीसँ सम्मानित कयल गेलाक संबंधमे ओ कहलनि जे आमतौर पर कार्यक्रममे पुष्पगुच्छ, शॉल वा स्मृति चिह्न देल जाइत अछि, मुदा एतय किछु अलग देखबाक लेल भेटल।
ओ ईहो कहलनि जे हुनकर अपन सोच रहैत अछि जे फूलक गुलदस्ताक बदला किताब आ कॉपी जेकाँ उपयोगी वस्तु दे कय सम्मानित करबाक चाही, जाहिसँ सम्मानमे देल गेल वस्तु दोसराक काज सेहो आबि सकय।
एकटा फूलगोभी बदलि देलक स्वागतक अंदाज
कायनात विद्यालयक ई पहल एकटा सामान्य स्वागत समारोहसँ आगू बढ़ि पर्यावरण संरक्षण, सादगी आ उपयोगिताक संदेश देबाक उदाहरण बनि गेल।
जहाँ फूलक गुलदस्ता आ स्मृति चिह्न किछुए समय बाद रखल रहि जाइत अछि, ओतहि फूलगोभीक उपयोग भोजनमे कयल जा सकैत अछि। एहि अनूठा स्वागतक माध्यमसँ विद्यालय ई संदेश देबाक प्रयास कयलक जे सम्मानक संग उपयोगिता आ प्रकृतिक प्रति जिम्मेदारी सेहो जरूरी अछि।
