Mithilani

मधुबनी में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री अब ई-निबंधन व्यवस्था के तहत होगी. प्रशासन ने हेल्प डेस्क और तकनीकी सहायता की तैयारी की है, जबकि निबंधन में आई गिरावट की भी निगरानी की जा रही है.

जमीन ई-निबंधन: मधुबनी जिले में जमीन-जायदाद के निबंधन की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए ई-निबंधन व्यवस्था लागू की गयी है. नई तकनीक आधारित व्यवस्था में क्रेता और विक्रेता को निबंधन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, सरकारी शुल्क और अधिकृत सेवा प्रदाताओं से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी आधिकारिक माध्यम से उपलब्ध होगी. इससे लोगों की किसी खास मध्यस्थ पर निर्भरता कम होगी और निबंधन को लेकर भ्रम भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा.

हर दिन होगी निबंधन की समीक्षा

नई व्यवस्था के संक्रमण काल को देखते हुए जिला अवर निबंधक (डीएसआर) और सभी अवर निबंधक कार्यालयों की कार्यालयवार निगरानी की जा रही है. प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य, वास्तविक निबंधन और लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी, ताकि व्यवस्था में आ रही दिक्कतों की पहचान कर समय पर समाधान किया जा सके.

सामान्य दिनों में 180 निबंधन, 22 अगस्त को सिर्फ 23

जिले में सामान्य दिनों में करीब 180 निबंधन प्रतिदिन होते हैं. वहीं, 22 अगस्त को यह संख्या घटकर महज 23 रह गयी. प्रशासन के अनुसार निबंधन में कमी मुख्य रूप से डीड राइटर्स और स्टाम्प वेंडर्स एसोसिएशन के आह्वान से प्रभावित हुई है. जिले में किसी बड़े स्थानीय विरोध या महत्वपूर्ण तकनीकी व्यवधान की स्थिति नहीं बतायी गयी है.

हर निबंधन कार्यालय में बनेगा हेल्प डेस्क

नागरिकों की सुविधा के लिए सभी निबंधन कार्यालयों में समर्पित ई-निबंधन हेल्प डेस्क सक्रिय किए जा रहे हैं. यहां क्रेता और विक्रेता को जरूरी दस्तावेज, सरकारी शुल्क और पूरी निबंधन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी. डीड राइटर्स को भी नई व्यवस्था में ई-निबंधन सेवा प्रदाता के रूप में जोड़ने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

सोशल मीडिया से भी मिलेगी पूरी जानकारी

ई-निबंधन को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन सोशल मीडिया और सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान चलाएगा. सरल भाषा में वीडियो, इन्फोग्राफिक्स, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और प्रक्रिया की जानकारी साझा की जाएगी. कार्यालयों में हेल्प डेस्क, शिकायत और संपर्क नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे.

तकनीकी समस्या का जल्द होगा समाधान

निबंधन कार्यालयों में सॉफ्टवेयर या अन्य तकनीकी समस्या आने पर उसके त्वरित समाधान के लिए रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया जा रहा है. विभागीय तकनीकी टीम के सहयोग से समस्याओं का समाधान कराया जाएगा. सफलतापूर्वक ई-निबंधन कराने वाले नागरिकों के अनुभव भी सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे. प्रशासन का लक्ष्य नई व्यवस्था के जरिए निबंधन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाना है.

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