Mithilani

सावन की अंतिम सोमवारी से ठीक पहले सुलतानगंज में शिवभक्ति अपने चरम पर है. शनिवार को ही 2.37 लाख कांवरिये बाबाधाम के लिए रवाना हो चुके थे. रविवार को डाकबमों के पहुंचने और सोमवार को अंतिम जलाभिषेक के लिए प्रशासन अलर्ट है.

Sultanganj Last Somwari 2026: सावन की अंतिम सोमवारी से ठीक एक दिन पहले सुलतानगंज में शिवभक्ति अपने चरम पर पहुंच गयी है. शनिवार को अजगैवीनाथ नगरी में गंगा घाट से लेकर कांवरिया पथ तक हर ओर कांवरियों का सैलाब नजर आया. केसरिया वस्त्रों में हजारों शिवभक्त हाथों में कांवर लिये बाबाधाम की ओर बढ़ते रहे. “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है” के जयघोष से पूरा इलाका गूंजता रहा.

श्रावणी मेला अब अंतिम दौर में है, लेकिन कांवरियों की भीड़ कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है. रविवार को श्रावण शुक्ल एकादशी के मौके पर डाकबम कांवरियों की बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है. इसके अगले दिन सोमवार को सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी है. ऐसे में प्रशासन के सामने अगले 48 घंटे भीड़ प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती होंगे.

शनिवार को ही 2.37 लाख कांवरिये निकले बाबाधाम

कांवरियों की भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को शाम चार बजे तक करीब 2.37 लाख कांवरिये सुलतानगंज से पैदल बाबाधाम के लिए रवाना हो चुके थे.

कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष से मिले आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे तक इतनी बड़ी संख्या में कांवरिये रवाना हो चुके थे. इसके बाद भी गंगा घाट और कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही.

अंतिम सोमवारी पर कांवरियों की संख्या और बढ़ने का अनुमान है. प्रशासनिक स्तर पर तीन लाख से अधिक शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है.

एकादशी पर डाकबमों का उमड़ेगा सैलाब

रविवार को श्रावण शुक्ल एकादशी है. इस दिन बड़ी संख्या में डाकबम सुलतानगंज पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे और जल लेकर बाबाधाम की ओर रवाना होंगे.

डाकबमों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है. प्रमाण पत्र जारी करने के लिए काउंटर बनाये गये हैं. अधिकारियों की निगरानी में डाकबमों को प्रमाण पत्र लेने से लेकर कच्चे कांवरिया पथ पर आगे बढ़ने तक की व्यवस्था की जा रही है.

प्रशासन की कोशिश है कि डाकबमों की भीड़ के कारण सामान्य कांवरियों की यात्रा प्रभावित नहीं हो और किसी जगह अचानक भीड़ का दबाव न बने.

गंगा का जलस्तर बढ़ा तो नये घाट बने सहारा

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद अजगैवीनाथ मंदिर के सामने स्थित नयी सीढ़ी घाट और नमामि गंगे घाट कांवरियों के लिए प्रमुख केंद्र बन गये हैं.

इन घाटों पर स्नान करने और गंगाजल भरने के लिए लगातार कांवरियों की भीड़ पहुंच रही है. घाटों से जल लेकर शिवभक्त कांवरिया पथ की ओर बढ़ रहे हैं.

गंगा किनारे उमड़ती भीड़ और दूसरी ओर बाबाधाम की ओर बढ़ते कांवरियों के कारण सुलतानगंज का पूरा इलाका भक्तिमय नजर आ रहा है.

अंतिम सोमवारी पर बढ़ेगा दबाव, प्रशासन अलर्ट

अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है.

शनिवार को ही बड़ी संख्या में कांवरियों के रवाना होने के बाद प्रशासन को रविवार और सोमवार को और अधिक भीड़ की उम्मीद है. खासकर डाकबमों के आने और अंतिम सोमवारी के जलाभिषेक को लेकर कांवरिया पथ पर दबाव बढ़ने की संभावना है.

अधिकारियों की निगरानी लगातार बनी हुई है, ताकि घाटों, कांवरिया पथ और प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

Sultanganj Last Somwari 2026: गंगा से बाबाधाम तक एक ही नारा

सुलतानगंज में शनिवार को जो दृश्य दिखा, उससे साफ है कि सावन की अंतिम सोमवारी के लिए शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है. गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद कांवरिये जल भरकर बाबाधाम की लंबी यात्रा पर निकल रहे हैं.

गंगा घाट से लेकर कांवरिया पथ तक केसरिया रंग और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच शिवभक्तों की यात्रा जारी है. अब नजर रविवार के डाकबमों और सोमवार की अंतिम सोमवारी पर है, जब सुलतानगंज में एक बार फिर आस्था का सबसे बड़ा सैलाब उमड़ने की उम्मीद है.

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