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घर की छत पर सोलर लगाकर पाएं 98 हजार तक की सब्सिडी, तस्वीरों में समझें आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी प्रक्रियाबिहार में घर की छत पर सोलर लगवाकर बिजली बिल बचाएं. प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत ₹98,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध है. जानें कैसे ऑनलाइन आवेदन करें और इस सरकारी सहायता का लाभ उठाएं.

घर की छत पर सोलर, बिजली बिल में बचत का मौका

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार के पात्र घरेलू उपभोक्ता घर की छत पर रूफटॉप सोलर लगवा सकते हैं. केंद्र और बिहार सरकार की सहायता को मिलाकर पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 98,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.

सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा

योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. रजिस्ट्रेशन प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर किया जा सकता है. आवेदन में बिजली कनेक्शन, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी देनी होगी.

आवेदन से पहले ये जानकारी रखें तैयार

आवेदन से पहले बिजली बिल, उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार रखना बेहतर होगा. सोलर लगाने वाली छत या जगह से जुड़ी जानकारी भी प्रक्रिया में काम आ सकती है.

आवेदन के बाद होगा स्थल निरीक्षण

ऑनलाइन आवेदन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत डिस्कॉम और वेंडर की भूमिका शुरू होती है. स्थल निरीक्षण के बाद उपभोक्ता अधिकृत वेंडर का चयन कर सकता है. इसके बाद घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया जाएगा.

1 किलोवाट पर केंद्र और राज्य की मदद

1 किलोवाट क्षमता के सिस्टम पर केंद्र से 30,000 रुपये तक और बिहार सरकार की ओर से 10,000 रुपये तक की सहायता बताई गई है. यानी पात्र उपभोक्ता को कुल 40,000 रुपये तक सहायता मिल सकती है.

2 किलोवाट पर बढ़ सकती है सब्सिडी

2 किलोवाट सिस्टम के लिए केंद्र से 60,000 रुपये तक और बिहार सरकार से अधिकतम 20,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है. इस क्षमता पर कुल सहायता 80,000 रुपये तक हो सकती है.

3 किलोवाट या ज्यादा पर ₹98 हजार तक मदद

3 किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता वाले सिस्टम पर केंद्र की अधिकतम सहायता 78,000 रुपये और बिहार सरकार की ओर से अधिकतम 20,000 रुपये तक सहायता मिल सकती है. इस तरह पात्र उपभोक्ता को कुल 98,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है.

सोलर लगने के बाद नेट मीटरिंग

सोलर सिस्टम लगने के बाद नेट मीटरिंग से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. दिन में सोलर से बनने वाली बिजली पहले घर की जरूरत पूरी करेगी. अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजे जाने पर उसका रिकॉर्ड नेट मीटर के जरिए रखा जाएगा.

रात में ग्रिड से मिलेगी बिजली

सामान्य ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम रात में बिजली नहीं बनाता. ऐसे समय घर की जरूरत के मुताबिक बिजली ग्रिड से ली जाती है. बैटरी वाले सिस्टम की व्यवस्था इससे अलग होती है.

आवेदन से पहले नियम जरूर जांचें

हर उपभोक्ता को अधिकतम 98,000 रुपये की सहायता मिले, यह जरूरी नहीं है. वास्तविक लाभ सिस्टम की क्षमता, पात्रता और उस समय लागू नियमों पर निर्भर करेगा. इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा सब्सिडी और पात्रता की शर्तें जरूर जांच लें.

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